
लखीसराय : बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी पर सोमवार सुबह भगदड़ की घटना में सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। हादसे के बाद घायलों को इलाज के लिए लखीसराय सदर अस्पताल भेजा गया। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। मौतों की संख्या की पुष्टि जिला प्रशासन की ओर से की गई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह मंदिर में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवरिये पहुंचे थे। इसी दौरान भीड़ अचानक बढ़ गई और भगदड़ की स्थिति बन गई। प्रशासन के अनुसार, भीड़ बढ़ने के बीच बैरिकेडिंग टूटने से भी अफरा-तफरी की स्थिति बनी।
हादसे के कारणों को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में बिजली के पोल या तार गिरने और उससे करंट फैलने की अफवाह का भी जिक्र है। हालांकि, घटना की पूरी वजह को लेकर अलग-अलग सूचनाएं सामने आई हैं। इसलिए करंट लगने को भगदड़ का निश्चित कारण मानना अभी उचित नहीं होगा।
भारी भीड़ के बीच बिगड़ी स्थिति
सावन की तीसरी सोमवारी होने के कारण सुबह से ही अशोकधाम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अचानक बढ़ी भीड़ के बीच लोगों के आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान बैरिकेडिंग टूट गई और कई लोग गिर पड़े। इसके बाद भगदड़ की स्थिति पैदा हुई।
घटना के बाद पुलिस, प्रशासन और मेडिकल टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को एंबुलेंस और अन्य वाहनों से अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घटना पर दुख जताया है। उन्होंने मृत श्रद्धालुओं के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के समुचित और त्वरित इलाज के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
अशोकधाम मंदिर में उमड़ती है बड़ी भीड़
लखीसराय का अशोकधाम मंदिर इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। सावन के महीने में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। सोमवारी के दिन भीड़ और बढ़ जाती है।
घटना के बाद प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने और घायलों के उपचार की व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है। हादसे की परिस्थितियों को लेकर आगे की जानकारी प्रशासनिक जांच के बाद स्पष्ट होगी।




