
Ranchi : डीजीपी अजय कुमार सिंह ने बुधवार को अपराध नियंत्रण एवं विधि-व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक की. बैठक में डीजीपी ने हत्या, डकैती, लूट, स्नैचिंग, आर्म्स एक्ट, फिरौती के लिए अपहरण, संगठित आपराधिक गिरोह द्वारा रंगदारी के कांडों के आंकड़े, संगठित अपराधियों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई के संबंध में जानकारी ली. बैठक में गृह सचिव अविनाश कुमार भी शामिल थे. सभी जिलों में अपराध नियंत्रण के लिए की गयी कार्रवाई की जानकारी ली गयी. वहीं नये अपराधियों पर विशेष निगरानी रखने, ड्रग्स नेटवर्क का पता करते हुए आखिरी संलिप्त अपराधी तक पहुंच कर उनके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने, संगठित रूप से किये जाने वाले अवैध उत्खनन पर पूर्णतः रोक लगाने, शैक्षणिक संस्थानों के आस-पास बेचे जाने वाले ड्रग्स पैडलर्स को चिन्हित कर गिरफ्तार कर उस पर रोक लगाने तथा जमीन के विवादों सहित बुजुगों की समस्याओं पर संवेदनशील होकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
डीजीपी ने बैठक में शामिल सभी रेंज के आइजी, डीआइजी, एसएसपी, एसपी से उनके क्षेत्र एवं जिलों में अपराध नियंत्रण एवं विधि-व्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की तथा झारखण्ड में नक्सल फ्रंट पर मिली सफलताओं के लिए सभी की सराहना की. उन्होंने हाल के दिनों में विशेष कर रामगढ़ एवं रांची में घटित घटनाओं को लेकर राज्य में संगठित आपराधिक गिरोहों पर नकेल कसने का निर्देश दिया. उन्होंने संगठित आपराधिक गिरोहों पर लगाम लगाने के लिए सभी जिला में आपराधिक गिरोहों एवं उनके सदस्यों की सूची तैयार कर फरार अपराधियों को यथाशीघ्र पकड़ने एवं जेल में बंद अपराधियों पर निगरानी रखने का निर्देश दिया, ताकि उनके द्वारा जेल से मोबाइल से अपने आपराधिक गिरोह का संचालन नहीं किया जा सके. जेल से छूटे अपराधियों का बेल कैन्सिलेशन कराने तथा सीसीए के तहत आवश्यक कार्रवाई करने, स्पीडी ट्रायल कर अपराधियों को सजा दिलाने एवं फरार अपराधियों के विरुद्ध पुरस्कार की घोषणा करने का निर्देश दिया.
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