
Palamu : पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.एन त्रिपाठी ने कहा कि आगामी विस चुनाव में लड़ाई जनता बनाम अधिकारियों के बीच होगी. पूर्व मंत्री त्रिपाठी ने राज्य में जनता द्वारा चुने गये जनप्रतिनिधियों से ज्यादा सरकारी बाबुओं को तरजीह देने का आरोप लगाते हुए राज्य की भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया. कहा कि रघुवर सरकार के शासनकाल में राज्य के डीसी-एसपी खुद को यमराज समझने लगे हैं तो वहीं सरकार के सचिव स्वयं को सरकार मानकर चलते हैं.
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आंगनबाड़ी सेविकाओं को 16 हजार न्यूनतम मजदूरी मिले
श्री त्रिपाठी चैनपुर में वेतन से संबंधित मांगों को लेकर धरने पर बैठी आंगनबाड़ी सेविकाओं को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने आंगनबाड़ी सेविकाओं की मांगों को जायज ठहराते हुए 16 हजार रुपये न्यूनतम मजदूरी देने का समर्थन किया. कहा कि वर्तमान सरकार में मांगे पूरी न होने पर अगली सरकार में इन मांगों को पूरा किया जायेगा.
जेपी नड्डा का बयान दिग्भ्रमित करने वाला
पिछले दिनों पलामू में आयोजित भाजपा के बूथ स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा दिये गये एक बयान का भी उन्होंने उल्लेख किया. भाजपा और पार्टी नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इस बयान से तो यही प्रतीत होता है कि मुख्यमंत्री रघुवर दास और भाजपा सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य का विकास करना नहीं, बल्कि इधर-उधर के मुद्दे उठाकर लोगों को दिग्भ्रमित रखना है, जिससे जनता का ध्यान जरूरी मुद्दों पर न जाये.
क्या कहा था जेपी नड्डा ने
31 अगस्त को भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मेदिनीनगर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि जब आप कार्यकर्ता जनता में जायेंगे तो जनता आपसे सरकार के कार्यों से संबंधित कई प्रश्न पूछेगी. लेकिन उन सारे सवालों को घुमाकर उन्हें धारा 370 और तीन तलाक जैसे मुद्दों पर मोड़ दें.
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