
Ranchi : राज्य के यूनिवर्सिटीज में यूजी और पीजी कोर्स में ऑनलाइन एडमिशन लेने के बाद क्लासेस भी शुरू हो गये. रांची विवि समेत अन्य विश्वविद्यालयों ने मिड सेमेस्टर की परीक्षा भी ले ली गई, लेकिन इन्हीं यूनिवर्सिटीज के बीएड कोर्स में चल रही एडमिशन की प्रक्रिया पिछले 70 दिनों से रुकी हुई है. एडमिशन प्रोसेस करा रही झारखंड संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (जेसीइसीइबी) के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना की वजह से एडमिशन को रोका गया है. जबकि 21 अप्रैल को जारी किये गये नोटिस में एडमिशन रोकने के पीछे अपरिहार्य कारण बताया गया है. हालांकि, बोर्ड का कहना है कि सरकार के निर्देश का इंतजार किया जा रहा है.
जनवरी से चल रही काउंसेलिंग
बीएड कॉलेजों में एडमिशन के लिए चार राउंड के बाद एक स्पेशल राउंड काउंसेलिंग भी हो चुकी है. पहले राउंड की काउंसेलिंग के लिए 23 से 25 जनवरी तक रजिस्ट्रेशन चला. इसके बाद 31 जनवरी तक एडमिशन लेने को कहा गया. दूसरे राउंड की काउंसेलिंग तीन फरवरी से रजिस्ट्रेशन पांच फरवरी तक चला. इसके बाद 20 फरवरी तक एडमिशन लेने को कहा गया. तीसरे राउंड की काउंसेलिंग के लिए तीन से 10 मार्च तक प्रक्रिया चली. इस प्रक्रिया के बाद 20 मार्च एडमिशन लेने को कहा गया. चौथे राउंड की काउंसेलिंग 26 मार्च से 30 मार्च तक चला. इस राउंड के सेलेक्टेड स्टूडेंट्स को 10 अप्रैल तक एडमिशन लेने को कहा गया. चार राउंड की काउंसेलिंग के बाद भी स्टूडेंट्स नहीं मिले तब झारखंड कम्बाइंड के स्पेशल राउंड काउंसेलिंग करायी. यह स्पेशल राउंड 15 से 18 अप्रैल तक चला. इस स्पेशल राउंड काउंसेलिंग में सेलेक्टेड स्टूडेंट्स का एडमिशन लिस्ट 21 अप्रैल को जारी होना था. जिसे झारखंड कम्बाइंड ने जारी न करते हुए अपरिहार्य कारण बताते हुए अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया.
विवादों आ चुका है एडमिशन काउंसेलिंग
बताते चलें कि बीएड कॉलेजों में एडमिशन के लिए अब तक चार राउंड की काउंसेलिंग हो चुकी है. स्पेशल राउंड की काउंसेलिंग से 21 अप्रैल तक एडमिशन हो जाना था जिसपर रोक लगा दी गयी है. इससे पहले दूसरे राउंड की काउंसेलिंग विवाद में रही है. इसमें हुई गड़बड़ी की वजह से इसे रद्द कर दिया गया. फिर दूसरे राउंड की काउंसेलिंग की नयी लिस्ट जारी की गयी. राज्य में एकेडमिक सेशन 2020–22 की एडमिशन प्रकिया चल रही है. बीते साल कोरोना की वजह से समय पर सत्र शुरू नहीं हो सका. इस तरह से देखें तो दो साल के कोर्स का एक साल पूरा हो जाने के बाद भी एडमिशन नहीं लिया जा सका है. जबकि मध्यप्रदेश, बिहार, ओडिशा जैसे राज्य 2021-23 सत्र का एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं. बीएड कॉलेज संचालक भी इस रवैये से परेशान हैं. बीएड कॉलेज संचालकों ने काउंसेलिंग की बजाय ओपन एडमिशन शुरू करने की अनुमति मांगी पर अभी तक उनके पत्र का कोई जवाब नहीं दिया गया. कॉलेज संचालकों की माने तो काउंसेलिंग का तरीका ही ऐसा है कि निजी कॉलेजों को स्टूडेंट्स नहीं मिल रहे हैं.
सरकार ने कमाया 12 करोड़ से अधिक
झारखंड कम्बाइंड की ओर से अब तक पांच राउंड काउंसेलिंग हो चुकी है. पहले राउंड की काउंसेलिंग में 76,361 स्टूडेंट्स से काउंसेलिंग फ़ीस ली गयी. एक स्टूडेंट्स से 400 काउंसेलिंग फीस ली गयी. पांच राउंड की काउंसेलिंग में हर बार लगभग उतने ही स्टूडेंट्स शामिल हुए जितने पहले राउंड की काउंसेलिंग में शामिल हुए. इस तरह से एक राउंड की काउंसेलिंग में झारखंड कम्बाइंड को लगभग तीन करोड़ रूपये की कमाई हुई. पांच राउंड की काउंसेलिंग से अब तक 15 करोड़ रूपये से अधिक झारखंड कम्बाइंड कमा चुका है.



