
Ranchi: अगस्त 2022 में सांसद निशिकांत दुबे को प्लेन से दिल्ली जाने के क्रम में देवघर एयरपोर्ट में रोकने के खिलाफ दिल्ली में दर्ज जीरो एफआईआर को निरस्त करने को लेकर देवघर के डीसी मंजूनाथ भजंत्री की याचिका की आंशिक सुनवाई सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट में हुई. मामले में प्रार्थी की ओर से समय की मांग की गई जिसके बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 16 अगस्त निर्धारित की. बता दें कि पिछली सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से बताया गया था कि दिल्ली में दर्ज कराया गया जीरो एफआईआर झारखंड पुलिस को सौंप दिया गया है. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की कोर्ट ने मामले की सुनवाई की. कोर्ट ने प्रार्थी मंजूनाथ के खिलाफ पीड़क कार्रवाई पर रोक अगली सुनवाई तक जारी रखी है. प्रतिवादी निशिकांत दुबे की ओर से पार्थ जालान और अमित सिन्हा ने पैरवी की.
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क्या है मामला
पूर्व की सुनवाई में कोर्ट को बताया गया था कि निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया है कि 31 अगस्त 2022 को शाम में जब वह प्लेन से दिल्ली जा रहे थे तो तत्कालीन देवघर उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के कहने पर सुरक्षाकर्मियों ने देवघर एयरपोर्ट पर उन्हें रोका और जान से मारने की धमकी भी दी. उनके सरकारी कार्य में बाधा डालने का भी निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया है. प्रार्थी का कहना था कि उनके खिलाफ लगाए गए सारे आरोप निराधार है, इसलिए इससे संबंधित जीरो एफआईआर को रद्द किया जाए.




