
Ranchi: धनबाद के आशीर्वाद टावर और हाजरा क्लीनिक में बीते दिनों आग लगने से 19 लोगों की मौत मामले में कोर्ट के स्वत संज्ञान की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार हुई. हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले में 3 से 4 माह के अंदर राज्य सरकार को फायर सेफ्टी ऑडिट कराकर कोर्ट में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने इस मामले में दुख जताते हुए कहा है कि ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए इस पर राज्य सरकार को सजग रहना होगा. महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कोर्ट को बताया कि धनबाद डीसी की ओर से दो कमेटियां बनाई गई है. एक कमेटी वहां आग लगने के कारणों की जांच करेगी, यह देखेगी कि फायर सेफ्टी रूल एंड रेगुलेशन का वहां पालन किया गया है या नहीं.
वहीं दूसरी कमेटी आग लगने के कारण उक्त भवन के स्ट्रक्चर को डैमेज हुआ है या नहीं यह देखेगी और इसकी रिपोर्ट कोर्ट को देगी. कोर्ट ने मामले में नगर विकास विभाग को रिपोर्ट देने के लिए कहा है जिसमें बताने को कहा है की अपार्टमेंट एवं भवनों में फायर सेफ्टी के लिए गाइडलाइन क्या है, बिल्डिंग बायलॉज में नक्शा पास हो रहे हैं उसमें फायर सेफ्टी के लिए जो रूल बने हैं उसका पालन हो रहा है या नहीं. इन सारी बातों की जानकारी कोर्ट को नगर विकास विभाग को बतानी है. साथ ही तीन-चार माह के भीतर पूरे राज्य में फायर सेफ्टी ऑडिट कराकर कोर्ट को बताने को कहा है. मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी.बता दें कि इस अग्निकांड में 14 लोगों की मौत हुई थी जिनमें 10 महिलाएं 3 बच्चे और एक बुजुर्ग शामिल है जबकि जबकि कई घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की 20 गाड़ियों ने आग बुझाई थी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने धनबाद के आशीर्वाद अपार्टमेंट में लगी आग में मरने वालों के परिजनों को चार लाख मुआवजा देने का निर्देश दिया है . साथ ही हादसे में घायल लोगों का समुचित इलाज का भी निर्देश दिया है.
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