
Bermo: विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर बुधवार को डीवीसी बोकारो थर्मल पावर प्लांट स्थित तकनीकी भवन के सम्मेलन कक्ष में विश्व हिंदी दिवस का आयोजन किया गया.समारोह का उदघाटन एचओपी आनंद मोहन प्रसाद,जीएम ओएंडएम एस भट्टाचार्य,जीएम विद्युत एस भद्रो,डीजीएम बीजी होलकर ने दीप प्रज्वलित कर किया.कार्यक्रम के आरंभ में सहायक नियंत्रक दीनानथ शर्मा द्वारा विश्व हिंदी दिवस के इतिहास एवं विश्व स्तर पर हिंदी भाषा की लोकप्रियता के उपर प्रकाश डाला गया.एचओपी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे देश में कई भाषाएं बोली और लिखी जाती हैं. हिंदी भाषा से दुनिया को अवगत कराने और हिंदी को प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक वर्ष 10 जनवरी के दिन विश्व हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है.विश्व हिंदी दिवस का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है,क्योंकि यह भाषा विश्व स्तर पर स्थापित हो चुकी है.लेकिन आजाद भारत के बाद विविधताओं वाले इस देश को जोड़ने और एकजुट करने के लिए हिंदी का राष्ट्र भाषा के रूप में चुनाव किया गया.कहा कि 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा 10 जनवरी 2006 में भारत सरकार द्वारा की गई थी.इसे लेकर सबसे पहले विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 10 जनवरी 1975 को नागपुर में किया था.समारोह को सभी जीएम,डीजीएम ने भी संबोधित किया.बाद में विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर पावर प्लांट में भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया.प्रतियोगिता में बतौर निर्णायक तारीक सईद,एसएस अशरफ,दीनानाथ प्रसाद,केंद्रीय विद्यालय की हिंदी की शिक्षिका राजश्री सिंह मौजूद थे.कार्यक्रम का सफल संचालन एवं विशेष योगदान हिंदी अधिकारी रवि कुमार,मो शाहिद इकराम का रहा.डीजीएम बीजी होलकर ने धन्यवाद ज्ञापन किया.




