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Ranchi, 04 October : अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त व्यवसायी मानस रंजन दास को जैप वन स्थित गेस्ट हाउस में रखा गया था. बुधवार को गेस्ट हाउस में एक टीवी चैनल के पत्रकार ग्यारह बजे से ही जमे थे. पत्रकारों को जानकारी मिली थी कि अंदर कुछ पूछताछ चल रही है. इनलोगों ने इंतजार भी किया. दिन के लगभग डेढ़ बजे के आसपास आईजी गेस्ट हाउस से निकले. पत्रकारों ने जब व्यवसायी के बारे में सवाल किया तो पुलिस अधिकारी भड़क उठे. उन्होंने पत्रकारों को खरी-खोटी सुनायी और कहने लगे कि आपको किसने अंदर आने दिया. किससे पूछ कर आये हैं. पुलिस अधिकारी ने अपने अंगरक्षक को कैमरा छीनने को भी कहा. पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की तक किया गया. पत्रकारों को सरकारी काम में बाधा डालने की धमकी देकर एफआईआर करने की धमकी तक दे डाली.
पुलिस के हाथ नहीं लगे अपहरणकर्ता
गिरिडीह जिला स्थित एनएच दो डुमरी से अपहृत व्यवसायी मानस रंजन दास को अपराधियों ने बिहार के आरा से मुक्त करवाया है. सूत्रों ने बताया कि अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त होने के लिए रंजन के परिजनों ने भारी-भरकम फिरौती अपराधियों को दी है. व्यवसायी को वापस लाकर रांची के गेस्ट हाउस में रखा गया, जहां पुलिस ने किसी से भी मिलने नहीं दिया. उन्हें घर भेज दिया गया. इस मामले में पुलिस अपनी भूमिका को लेकर परेशान है. पुलिस अंधेरे में तीर चलाती रह गई और अपहरणकर्ताओं ने फिरौती लेकर व्यवसायी को मुक्त कर दिया.
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ये है मामला
ओडिशा के भुवनेश्वर निवासी मानस रंजन दास का 23 अगस्त को अपहरण कर लिया गया था. वे बिहार के हाजीपुर से ओडिशा वापस लौट रहे थे. गिरिडीह जिले के डुमरी से उनका अपहरण किया गया था. जिस गाड़ी से मानस जा रहे थे उसे लावारिस हालत में छोड़ दिया गया था.
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