
Jamshedpur : कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम में वैसे तो कुछ महीनों में कई परिवर्तन हो चुका है लेकिन ड्रेस कोड के मामले में स्थायी वार्ड बॉय इसका पालन नही कर रहे है जबकि 2021से ही अस्पताल के अन्य विभाग के कर्मियों के लिए ड्रेस कोड निर्गत कर दिया गया है और उसका पालन भी सफाई कर्मियों से लेकर अस्थाई कर्मी अक्षरतः कर रहे है. लेकिन इसी अस्पताल के स्थायी वार्ड बॉय बिना ड्रेस के कार्य पर आ रहे है. इनकी संख्या लगभग 55 के करीब है जो 12 वर्षो से ज्यादा समय से कार्यरत है. इन्हें ड्रेस के लिए सालाना 2500 रुपये भी प्राप्त होते है लेकिन बिना ड्रेस के ही डियूटी करते है जबकि आउट सोर्स के वार्ड बॉय नियमित रूप से निर्गत ड्रेस पहनकर ही अपने कार्य स्थल पर मौजूद रहते है ताकि अस्पताल में आने वाले मरीज और उसके परिजन कर्मियों की पहचान कर सेवा ले सके. इस बारे में एक स्थायी वार्ड बॉय ने बताया कि शुरू से ही यहां बिना ड्रेस के ही कार्य होता आ रहा है विगत एक वर्ष से ही ड्रेस कोड लागू हुआ है लेकिन स्थाई कर्मी को यह नही जानकारी है कि उनका ड्रेस कोड क्या है जब उन्हें जानकारी दी जाएगी तो वे लोग भी ड्रेस कोड का पालन करेंगे. वही इस बारे में अस्पताल अधीक्षक का कहना है विभाग की ओर से दिशा निर्देश के तहत सभी विभाग के कर्मियों को ड्रेस कोड में अपनी सेवा देनी है इसी के तहत स्थाई वार्ड बॉय को भी ड्रेस कोड में सेवा देने का निर्देश दिया गया जिसके लिए एक सफ्ताह का अल्टीमेटम दी गयी है.




