
Giridih: गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र में उद्योगपतियों और ठेकेदारों से लेवी वसूली के मामले में गिरफ्तार किये गये मनोज चौधरी से एनआइए पूछताछ कर रही है. मनोज चाौधरी को पीरटांड के जोनल कमांडर अजय महतो के करीबी के रूप में भी जाना जाता था. यही वजह है कि मनोज चौधरी की गिरफ्तारी से पीरटांड और डुमरी के माओवादियों को बड़ा झटका लगा है.
जोनल कमांडर अजय महतो के इशारे पर मनोज चौधरी को लेवी के पैसे दिये जाते थे. जिससे मनोज चौधरी ने गिरिडीह शहर के तीन अलग-अलग रिहायशी इलाके में अकूत बेनामी संपत्ति खरीदने के साथ कई आलीशान मकान बनाये हैं. वहीं मधुबन में भी मनोज चौधरी ने जमीन खरीदा और मकान बनाया है.
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पूछताछ के लिए लेगी रिमांड पर लेगी गिरिडीह पुलिस
गिरिडीह पुलिस मनोज चौधरी को जिले में खरीदे गये अकूत संपत्ति से जुड़े एक केस के साथ-साथ दो अन्य नक्सल केस में रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है. पुलिस सूत्रों की मानें तो इसकी तैयारी गिरिडीह पुलिस ने भी शुरु कर दी है. बताया जा रहा है कि गिरिडीह शहर से लेकर मधुबन में लेवी से मिले पैसे से प्रॉपर्टी खरीदने के मामले में पुलिस ने मधुबन थाना में कांड संख्या 4/18 दर्ज किया था. जिसमें अनलॉफुल एक्टिविटी प्रिवेंशन यूएपी एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था.
यूएपीए एक्ट की धाराओं के तहत पुलिस मनोज चौधरी को पूछताछ के लिए रिमांड पर लेगी. इसके अलावे मनोज चौधरी के खिलाफ पहले से जिले के निमियाघाट थाना में थाना कांड संख्या 26/08 और पीरटांड में थाना कांड संख्या 15/08 दर्ज है. ये दोनों मामले नक्सल केस से जुड़े बताये जा रहे हैं. पुलिस सूत्रों की मानें तो इन दोनों मामलों में चार्जशीट नहीं होने पर पूछताछ के लिए रिमांड पर पुलिस लेगी. फिलहाल पुलिस इन दोनों मामलों से जुड़े केस का स्टेट्स जानने में जुट गयी है.
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मनोज चाौधरी कैसे बना जोनल कमांडर अजय महतो का करीबी
मनोज चौधरी पहले जोनल कमांडर अजय महतो के संपर्क में आया. इसके बाद से ही मनोज चौधरी अजय महतो का करीबी बन गया. अजय महतो के इशारे पर पीरटांड के माओवादी नुनूचंद समेत अन्य माओवादी लेवी के पैसों को मनोज चाौधरी को देने लगे थे. लेवी के इन पैसों से ही मनोज चौधरी ने सबसे पहले मधुबन में एक आलीशान मकान बनाया. वहीं एक बड़ा जमीन भी खरीदा था.
इसके बाद मनोज चौधरी ने इन पैसों को शहर के अलग-अलग हिस्सों में जमीन खरीदनें और मकान बनाने जैसे कामों में निवेश करने लगा. साल 2018 में गृह मंत्रालय के निर्देश पर मनोज चौधरी की प्रॉपर्टी को सील किया गया था. उस वक्त पुलिस ने जब्त प्रॉपर्टी का सरकारी मूल्य दो करोड़ के करीब आंका था.
गृह मंत्रालय के निर्देश पर गिरिडीह पुलिस ने जिस प्रॉपर्टी को सील किया था. उसमें शहर के अरगाघाट में दो बड़े मकान के बाद रेलवे स्टेशन के समीप तीन मंजिला मकान, महिला काॅलेज रोड में दो मंजिला मकान और शहर के कचहरी रोड में इलाहाबाद बैंक के समीप एक बड़ा प्लाॅट था.
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मनोज चौधरी से और 4 दिन पूछताछ करेगी एनआइए
गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र में उद्योगपतियों और ठेकेदारों से लेवी वसूली के मामले में एनआइए के द्वारा गिरफ्तार किये गये मनोज चौधरी से और चार दिनों तक पूछताछ की जाएगी. इससे पहले मनोज चौधरी को 4 दिनों की पूछताछ के बाद एनआइए की विशेष अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश किया गया.
इसी के साथ एनआइए ने सात दिनों के पुलिस रिमांड पर लेने का आवेदन दिया था लेकिन अदालत ने सिर्फ चार दिनों की अनुमति दी. गौरतलब है कि एनआइए ने दो मई को मनोज चौधरी को बंगाल के हुगली जिले से गिरफ्तार कर उसे हालत में पेश किया था.




