
Ranchi: झारखंड में सतत विकास का लक्ष्य यानी एसडीजी पर दो दिवसीय राज्यस्तरीय संवाद कांके रोड स्थित विश्वा में प्रारंभ हुआ. ऑक्सफेम इंडिया के सीईओ अमिताभ बेहर ने कहा कि एसडीजी का संकल्प है ‘कोई पीछे न छूटे’. इसे हासिल करने के लिए बड़े बदलाव की जरूरत है. उन्होंने कहा कि एसडीजी के 17 लक्ष्य तभी पूरे हो सकेंगे, जब नीति निर्माताओं द्वारा अपनी योजनाओं में इसे समग्र तौर पर रखने की कोशिश होगी. उन्होंने कहा कि पुरानी योजनाओं के फ्रेम में एसडीजी को सीमित करना और कुछ लक्ष्यों को नजरअंदाज करना गलत होगा. सिविल सोसाइटी का दायित्व है कि देश और सभी राज्यों में एसडीजी का संपूर्णता में कार्यान्वयन करने की एडवोकेसी और मॉनिटरिंग करें.
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एसडीजी ने 17 लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं
संयुक्त राष्ट्र के देशों द्वारा वर्ष 2015 से 2030 तक विश्व में सतत विकास के लिए 17 लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं. सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल को झारखंड में लोकप्रिय बनाने तथा विभिन्न विकास योजनाओं में इन्हें ध्यान रखने की रणनीति बनाने पर चर्चा हुई. इसमें एसडीजी के लक्ष्य एक से छह तक पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया गया. इसमें गरीबी उन्मूलन, भुखमरी का खात्मा, बेहतर स्वास्थ्य, उन्नत शिक्षा, लैंगिक समानता और पेयजल व स्वच्छता शामिल है.
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किसने क्या कहा ?
ऑक्सफेम इंडिया के सीईओ अमिताभ बेहर ने कहा कि एसडीजी का संकल्प है ‘कोई पीछे न छूटे’. इसे हासिल करने के लिए बड़े बदलाव की जरूरत है. डब्ल्यूएचएच की कंट्री डायरेक्टर (इंडिया) निवेदिता वार्ष्णेय ने एसडीजी के अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य की चर्चा करते हुए भारत में इसके कार्यान्वयन की चुनौती पर प्रकाश डाला. विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रमेश शरण ने झारखंड की पंचायतों और स्कूल, कॉलेज में एसडीजी संबंधी जागरूकता पर बल दिया.
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कल पेश की जायेगी रिर्पोट
आज दूसरे सत्र में विभिन्न ग्रुप में एसडीजी के लक्ष्यों को झारखंड में हासिल करने पर चर्चा की गई. कल दूसरे दिन रिपोर्ट पेश की जाएगी. कल राज्य के मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, विकास आयुक्त श्री डीके तिवारी की उपस्थिति में एसडीजी पर अनुशंसा प्रस्तुत की जाएगी.
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संवाद ये हुए शामिल
इस संवाद में राज्य के विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों के साथ ही अन्य राज्यों के अतिथि शामिल हुए. यह आयोजन झारखंड एसडीजी मिशन, डब्ल्यूएचएच तथा अन्य संस्थाओं ने किया.
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