
Ghatshila : पोटका प्रखंड के पर्यावरण चेतना केंद्र सिगदी में तीसरा भूमिज भाषा दिवस मनाया गया. सर्वप्रथम भगवान बिरसा मुंडा के प्रतिमा के समक्ष परंपरागत विधि से साल डाली की पूजा-अर्चना की गयी. मौके पर मुख्य वक्ता व केंद्र के निदेशक सिद्धेश्वर सरदार ने कहा कि 26 वर्षों के आंदोलन करने के उपरांत 5 अक्टूबर 2016 को भूमिज भाषा को द्वितीय राजभाषा का दर्जा मिला. फलस्वरूप आज भूमिज भाषा में स्कूली, पाठ्यक्रम, कविता, लेख आदि का प्रकाशन हो रहा है. भूमिज भाषी के लोग इससे लाभान्वित भी हो रहे हैं.
मौके पर ये थे मौजूद
विभीषण, बसंती सरदार, सोना राम भुमिज, माणिक सरदार, रविन्द्र भूमिज, रामू सरदार, लोकेश्वर सरदार, अजय सरदार, संजय सरदार, रोकेश, फुलो सरदार, बिरमोहन सरदार आदि मौजूद थे.
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