
Ranchi. जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी (जेएनएसी) के कमांड क्षेत्र में अवैध निर्माण को लेकर दाखिल राकेश कुमार झा की जनहित याचिका की सुनवाई बुधवार को झारखंड हाई कोर्ट में हुई। मामले में जेएनएसी के शपथ पत्र को कोर्ट के आदेश के अनुरूप नहीं मानते हुए कोर्ट ने नाराजी जताई। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले में जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी के शपथ पत्र पर असंतुष्टि जताते हुए कल यानी गुरुवार को जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी के म्युनिसिपल कमिश्नर को तलब किया है। हाई कोर्ट ने पिछली सुनवाई में जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी को अपने कमांड एरिया में विचलन किए गए भवनों पर कार्रवाई के संबंध में फ्रेस टेबुलर चार्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। खंडपीठ ने जेएनएसी पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किया गया है। कोर्ट ने अपने आदेश में विचलन किए गए भवनों और अवैध भवनों पर कार्रवाई को टेबुलर चार्ट के रूप में मांगा था। जिसमें बताना था कि जेएनएसी के कमांड एरिया में विचलन किए गए भवनों और अवैध भवन के संबंध में क्या एक्शन लिए गए, कितने भवनों को ध्वस्त तोड़ा गया और कितने अवैध बिल्डिंग तोड़ा जाना अभी बाकी है, कितने अवैध बिल्डिंग मालिकों को नोटिस दिया गया, इन्हें नोटिस देने के बाद क्या कार्रवाई हुई है, इन पूरी बात की जानकारी देनी थी। लेकिन जेएनएसी ने ऐसा नहीं किया था।
दरअसल, प्रार्थी ने जनहित याचिका में दाखिल कर कहा है कि जेएनएसी क्षेत्र में अवैध बिल्डिंग के निर्माण को रोकने और जो बन चुके हैं उन्हें ध्वस्त करने का आग्रह किया था।




