
Ranchi : झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने केंद्र सरकार से संसद के विशेष सत्र के लिए सवाल पूछा है. पार्टी महासचिव और केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने शनिवार को पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इंडिया गठबंधन से भाजपा और केंद्र सरकार को भय होने लगा है. यही वजह भी है कि संसद के पांच दिनों के विशेष सत्र के आयोजन के संबंध में वह सरकारी नोटिफिकेशन जारी नहीं कर रही. संसदीय कार्य मंत्री इसे वाट्सएप, फेसबुक पर जारी कर रहे. क्या यह माना जाये कि आने वाले दिनों में सरकारी फाइलें सोशल मीडिया के जरिये ही चलेंगी. सुप्रियो के मुताबिक देश संविधान और कुछ पारंपरिक मान्यताओं से चलता है. इस सरकार में हिंदुस्तान की संसदीय परंपरा समाप्त हो रही है. आखिर किन विशेष परिस्थितियों में पांच दिवसीय विशेष सत्र का आयोजन हो रहा है, यह सरकार बताए.
अडानी पर चुप्पी
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि लगभग तीन महीने से मणिपुर जल रहा है पर विशेष सत्र केंद्र सरकार नहीं बुला पाती. कर्नाटक में केंद्र सरकार चुनाव लड़ता है. पीए विदेशों का दौरा करते हैं. पर अपने मित्र से संबंधित बातों का जवाब नहीं देते. देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थान, आर्थिक मामलों के जानकार नाम ले-लेकर लेकर तथ्यों के साथ आज देश के सबसे बड़े उद्योगपति है के कारनामे छाप रहे हैं. पर पीएम चुप रहते हैं. गुजरात सरकार आपके मित्र की चोरी पकड़ती है पर वे खामोश रहते हैं. आखिर विशेष सत्र में होगा क्या. जब दो महीने के बाद शीतकालीन सत्र तो आना ही था तो ऐसी कौन सी आपदा आ गयी कि विशेष सत्र बुला रहे हैं. पहले पता रहता तो सभी दल अपनी अपनी तैयारियों के साथ इसमें शामिल होते.
I.N.D.I.A का आभार
झामुमो ने इंडिया गठबंधन में शामिल सभी 27 दलों के प्रति आभार भी जताया है. सुप्रियो के मुताबिक 1 सितंबर को इंडिया की तीसरी बैठक मुंबई में संपन्न हुई. इसमें पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन को राष्ट्रीय स्तर पर बनी समन्वय समिति का सदस्य चुना गया. इस देश के 11 करोड़ से ज्यादा आदिवासी जनसमुदाय के प्रतिनिधित्व करने, नौजवानों का, मूलवासियों का प्रतिनिधित्व करने को सबसे पुरानी पार्टी सहित कश्मीर से कन्याकुमारी तक की पार्टियों ने हेमंत पर भरोसा जताया है. उन्हें पूर्ण विश्वास कि हेमंत को जो जिम्मेवारी मिली है, उसका सफलतापूर्वक निर्वहन वे करेंगे.
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