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जेएमएम का आरोप- सांसद निशिकांत दुबे ने चुनाव आयोग को दिये हलफनामे में एमबीए से संबंधित गलत जानकारी दी

Ranchi : निशिकांत दुबे लगातार खबरों में बने हुए हैं. इस बार झामुमो ने उन पर चुनाव आयोग को गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है. पार्टी के प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने न्यूज विंग से कहा कि बीजेपी में फर्जीवाड़ा करनेवालों की लंबी फेहरिस्त है. उन्होंने कहा कि गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे समेत सभी सांसदों के चुनावी हलफनामे की जांच की जाये. उन्होंने कहा कि गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा का चुनाव लड़ने के दौरान चुनाव आयोग को दिये हलफनामे में खुद के एमबीए होने की जानकारी दी है. जबकि एक आरटीआइ से पता चला है कि उन्होंने जो जानकारी दी है वह गलत है.

इस मामले को लेकर देवघर सदर थाना में एक आवेदन आया है. आवेदन करनेवाले देवघर निवासी विष्णुकांत झा हैं. विष्णुकांत झा ने सांसद निशिकांत पर आरोप लगाया है कि उन्होंने तीन बार लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए चुनाव आयोग को गुमराह किया है. 2009, 2014 और 2019 में जो हलफनामा निशिकांत दुबे की तरफ से चुनाव आयोग को दिया गया है, उसमें उन्होंने अपनी शैक्षणिक जानकारी गलत दी है.

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दिल्ली युनिवर्सिटी ने कहा- निशिकांत ने नहीं किया यहां से एमबीए

आवेदन के साथ कई कागजात दिये गये हैं. उनमें 29 जनवरी 2016 को गोरखपुर के निवासी बिजेंद्र कुमार पांडेय का एक दिल्ली युनिवर्सिटी को आरटीआइ भी शामिल है. इसमें बिजेंद्र कुमार पांडेय ने दिल्ली युनिवर्सिटी से पूछा है कि क्या निशिकांत दुबे ने उनके यहां से 1993 में पार्ट टाइम एमबीए किया है. आरटीआइ के जवाब में युनिवर्सिटी का कहना है कि दिल्ली युनिवर्सिटी के पार्ट टाइम एमबीए डिपार्टमेंट में जो रिकॉर्ड मौजूद हैं, उनमें कहीं भी इस बात का सबूत नहीं मिला है कि निशिकांत दुबे नाम के किसी व्यक्ति ने 1993 में युनिवर्सिटी से पार्ट टाइम एमबीए किया है. जबकि निशिकांत दुबे ने 2009, 2014 और 2019 लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए जो हलफनामा दिया था, उसमें उन्होंने कहा है कि उन्होंने 1993 में दिल्ली युनिवर्सिटी से पार्ट टाइम एमबीए किया है.

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निशिकांत दिल्ली में, इधर झारखंड में हो रहा लगातार एफआइआर और पीआइएल

कोरोना संकट काल के दौरान गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे दिल्ली में हैं. जुलाई के पहले हफ्ते में वो एक दिन के लिए झारखंड आये थे. वो दिल्ली से निजी विमान के जरिए सीधा दुमका पहुंचे. दुमका से गोड्डा, देवघर होते हुए दूसरे दिन वो दुमका पहुंचे और वहां सीधा दिल्ली के लिए उड़ान भर दिया. तभी से वो दिल्ली में ही हैं. इधर उनकी पत्नी के नाम पर पहला एफआइआर विष्णुकांत झा ने एलओकेसी धाम प्रॉपर्टी को लेकर कराया. आरोप लगा कि 20 करोड़ सर्कल रेटवाली प्रॉपर्टी को उन्होंने अपने राजनीतिक प्रभाव से कैश तीन करोड़ देकर खरीदा. वहीं इसी मामले में रांची के रहनेवाले राम अयोध्या शर्मा ने हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर अनामिका गौतम द्वारा खरीदी गयी जमीन का रजिस्ट्रेशन रदद् करने और जमाबंदी खारिज करने की मांग की है. वहीं पिटीशनर ने इस जमीन खरीद प्रकरण की जांच एक सक्षम एजेंसी से करने की मांग कोर्ट से की है. इसके अलावा इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा जमीन खरीद के दौरान हुए पैसों के लेनदेन पर उचित कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह भी किया है. इसके बाद देवघर में ही निशिकांत की पत्नी के शिलाफ दूसरा एफआइआर दर्ज हुआ. इस बार एफआइआर देवघर निवासी शशि सिंह की पत्नी किरण सिंह ने दर्ज कराया. आरोप धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ बताया गया. केस संख्या 346/20 है.

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