
Ranchi: बुधवार को कैबिनेट की बैठक में मास्क नहीं पहनने वालों के लिए 1 लाख रुपये जुर्माना का फैसला लिया गया था. दो साल जेल की सजा भी तय की गयी थी. प्रदेश भाजपा ने इसे राज्य सरकार का गरीब विरोधी और तुगलकी फरमान बताया है. और सरकार से इस पर फिर से विचार करने को कहा है. प्रदेश अध्यक्ष और सांसद दीपक प्रकाश और पार्टी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने मास्क के लिए किये गये सजा प्रावधानों को व्यावहारिक बनाने की मांग की है.
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पुलिस करेगी भयादोहन
दीपक के अनुसार, मास्क नहीं लगाने पर दो लाख रुपये का जुर्माने संबंधी अध्यादेश जन विरोधी है. यह एक बेतुका फरमान है. इससे पुलिस-प्रशासन जनता का भयादोहन कर सकता है. सरकार को लोक कल्याणकारी फैसला लेना चाहिये.
नियमों का अनुपालन जरूरी
लोगों को कोरोना से बचाव के लिए बने सभी नियमों का अनुपालन कठोरता से कराया जाना चाहिये. यह समय की मांग है. पर इसके एवज में प्रशासन को इतना मौका नहीं मिले कि लोगों में अनावश्यक डर पैदा हो जाये. स्वस्थ व्यक्ति के लिये गमछा, रुमाल आदि से फेस को ढकने की अनिवार्यता होनी चाहिये. ग्रामीण क्षेत्रों में मास्क उपलब्ध नहीं होता परंतु लोग गमछे आदि से अपना फेस अवश्य ढकने में सक्षम हैं. राज्य सरकार दंड की राशि को व्यावहारिक बनाये.
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अर्थदंड है भारी
बाबूलाल मरांडी ने सीएम से अर्थदंड पर विचार करने का आग्रह किया है. कहा है कि कोरोना काल में लोग आर्थिक संकट से भी जूझ रहे हैं. ऐसे में उनकी आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों पर भी गौर करना होगा. अधिकांश लोग गांव में रहते हैं. गरीबी के कारण उनके लिये इतने भारी अर्थदंड और कड़ी सजा ठीक नहीं है. लोगों को एक अभियान के तहत जागरूक करने की अधिक जरूरत है. अन्यथा कानून की आड़ में पुलिस के लिए कमाई का एक बड़ा जरिया खुल सकता है. साथ ही सरकार का मूल मकसद कहीं बहुत पीछे छूट जायेगा.
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