
Ranchi: पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव पंचायती राज राजीव अरूण एक्का ने सभी उपायुक्तों को पत्र लिखकर पंचायत भवन में अवस्थित डिजिटल पंचायत केंद्र के माध्यम से मनरेगा से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन व सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. प्रधान सचिव ने उपायुक्तों को निर्देश दिया हे कि वे चिह्नित सेवाओं को डिजिटल पंचायत केंद्र के माध्यम से पंचायत भवन में ही उपलब्ध कराये जाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश पंचायतो में जारी करें.
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बता दें कि राज्य सरकार ने ई-गर्वनेंस के तहत सभी पंचायतों को डिजिटल बनाने का फैसला लिया है. इसके जरिये सभी सरकारी योजना व सुविधाओं को उपलब्ध कराया जायेगा. डिजिटल पंचायत केंद्र की स्थापना के लिए संबंधित एजेंसी द्वारा वीएलई की सेवा दी जायेगी जो मुखिया व पंचायत सेवकों को तकनीकी सुविधा उपलब करायेंगे. ऐसे में अब पंचायत डिजिटल केंद्र के जरिये मनरेगा मे मजदूरी के लिए पंजीकरण, जॉब कार्ड निर्गत करने सहित अन्य सारे कार्य होंगे.
ये सुविधाएं मिलेंगी पंचायज डिजीटल केंद्र से
अकुशल श्रमिकों का पंजीकरण
अर्धकुशल, कुशल श्रमिकों का पंजीकरण
जॉब कार्ड जारी करना
जॉब कार्ड का नवीकरण
श्रमिकों का आधार व बैंक खाता को नरेगासॉफ्ट में फ्रिज करना
मनरेगा के कार्यो का नरेगा सॉफ्ट में प्रविष्टि करना
कार्यो की स्वीकृति
कार्य के जियोटैगिंग का पर्यवेक्षण.
कार्य की मांग
कार्य आवंटन
मस्टर रॉल का मुद्रण
नरेगासॉफ्ट, ऐप में उपस्थिति दर्ज करना.
ईएमबी की प्रविष्टि
मजदूरी सूची को जेनरेट करना.
सामग्री सूची को जेनरेट करना.
प्रथम एवं द्वितीय हस्ताक्षरकर्ता के द्वारा डिजीटल हस्ताक्षर करते हुए सभी एफटीबी की प्रक्रिया पूर्ण करना.
एफटीओ से संबंधित समस्या का निराकरण.
अस्वीकृत ट्रांजेक्शन को पुन: जेनरेट करना.
पंजी का संधारण.
मजदूरी, सामग्री व अन्य मदों के भुगतान से संबंधित शिकायतों का निपटारण.
इसके अतिरिक्त समय-समय पर लागू, बदलाव, संशोधन होने वाले अन्य, नए डिजीटल मॉड्यूल को भी डिजिटल पंचायत केंद्र के अधीन प्रभावी होगा.




