
Chatra: चतरा जिला ग्राम सभा मंच का दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन गुरुवार को संपन्न हुआ. सम्मेलन नगर भवन में आयोजित था. जिसकी अध्यक्षता मंच के जिलाध्यक्ष अशोक भुइयां ने किया. सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि झारखंड बचाव आंदोलन सेंट्रल कमेटी के सचिव जेवियर कुजूर तथा विशिष्ट अतिथि सेंट्रल प्रभारी राजेश महतो, अधिवक्ता बीरेंद्र तिवारी व सुशील तिवारी उपस्थित थे. सम्मेलन में विभिन्न प्रखंडो से सैकड़ो लोग शामिल हुए. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि वन अधिकार कानून 2006 अनुसूचित जनजाति, अन्य परंपरागत वन निवासी को भारत सरकार का महत्वपूर्ण तीन अधिकार मिला है. जिसमे व्यक्तिगत अधिकार का पट्टा, समुदायिक अधिकार का पट्टा तथा सामुदायिक संसाधन संरक्षक सर्वजन प्रबंधन एवं उपयोग करने के लिए पट्टा पाने का अधिकार है.
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चतरा जिला के सभी प्रखंड के गांव में ग्रामसभा वन अधिकार समिति के द्वारा वन पट्टा तैयार कर अनुमंडलीय स्तर पर वन अधिकार समिति के पास जमा किया गया. जिसमें अभी तक मामले लंबित पड़ा हुआ है. भारत सरकार के बनाए हुए कानून को सरकार के पदाधिकारी उल्लंघन करने पर तुले हुए हैं. वन विभाग के द्वारा पुलिस प्रशासन के सहयोग से लोगों को घर, जमीन से बेदखल किया जा रहा है. लोगों को जेल भेजा जा रहा है. इस समस्याओं को लेकर चतरा जिला के सभी प्रखंड में वन अधिकार समिति के अध्यक्ष, सचिव का गठन किया जाएगा. कार्यक्रम को सफल बनाने में महिला मोर्चा के जिलाध्यक्ष अंजू देवी, लालदेव गंझू, बसंत भारती, जगदीश भारती, निर्मला केरकेटा सहित अन्य ने अहम भूमिका निभाई.




