
Ranchi : पूर्वी सिंहभूम, परगना धालभूम, मानगो स्थित 3 कट्ठा से अधिक गिरवी पर रखी जमीन को एक्सिस बैंक द्वारा उसके खरीदार को जमीन पर दखल नहीं दिलाने के मामले में मकसूद आलम व अन्य की याचिका की सुनवाई झारखंड हाइकोर्ट में गुरुवार को हुई. मामले में कोर्ट ने बैंक द्वारा गिरवी रखी गयी जमीन के खरीदार को अब तक जमीन पर दखल नहीं दिलाये जाने पर नाराजगी जतायी. हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की कोर्ट ने मामले में जमशेदपुर उपायुक्त एवं एसएसपी जमशेदपुर को शुक्रवार को कोर्ट में सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया है. दरअसल, मोहम्मद शाहिद खुर्शीदी ने एक्सिस बैंक लिमिटेड, शताब्दी टावर, सेंड लाइन रोड, जमशेदपुर से 47 लाख रुपये लोन लिया था. इसके बदले उसने पूर्वी सिंहभूम, परगना धालभूम, मानगो स्थित 3 कट्ठा से अधिक की एक जमीन को बैंक के पास गिरवी रखी थी. शाहिद खुर्शीदी द्वारा लोन की राशि नहीं चुकाये जाने पर बैंक ने सरफैसी एक्ट के तहत इस पर कब्जा के लिए नोटिस जारी किया. साथ ही उपायुक्त, जमशेदपुर से गिरवी रखी गयी इस जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए आवेदन दिया. उपायुक्त जमशेदपुर ने इस आवेदन को स्वीकार कर पुलिस को इस जमीन पर बैंक का दखल कब्जा दिलाने को कहा. इसी बीच शाहिद खुर्शीदी ने ऋण वसूली अधिकरण में केस दायर कर दिया. इसी दौरान गिरवी रखी गई यह प्रॉपर्टी मोहम्मद मकसूद द्वारा करीब 68 लाख रुपये में खरीद ली गयी. बैंक की ओर से उसे उस जमीन का सेल सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया गया. इसी दौरान मोहम्मद शाहिद द्वारा ऋण वसूली अधिकरण में दाखिल किया गया केस खारिज हो गया. जिसके बाद एक माह के अंदर बैंक को गिरवी रखी गयी इस जमीन का दखल कब्जा लेकर इसे खरीदार मकसूद को दिया जाना था. लेकिन अभी तक बैंक ने मकसूद को उनके द्वारा खरीदी गयी उक्त जमीन पर दखल कब्जा नहीं दिलाया गया है. जिसके बाद मकसूद की ओर से हाइकोर्ट में रिट याचिका दाखिल कर इस जमीन पर कब्जा दिलवाने का आग्रह किया गया है. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता एके रसीदी ने पैरवी की.



