
Jamshedpur : बिहार-झारखंड में वित्तीय वर्ष 2021-22 में आयकर राजस्व का लक्ष्य 13,439 करोड़ रुपये है, जिसमें 10,085 करोड़ टीडीएस व टीसीएस का हिस्सा है. इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि टीडीएस (टैक्स डिडक्टेट एट सोर्स या स्रोत पर कर कटौती) और टीसीएस (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स या स्रोत पर कर संग्रह) का आयकर विभाग के लिए कितना महत्व है. ये बातें बिहार-झारखंड के आयकर आयुक्त (टीडीएस एंड एडमिनिस्ट्रेशन) हरिशंकर कुमार लाल ने कहीं. सीएच एरिया स्थित मुख्य आयकर कार्यालय में गुरुवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में श्री लाल ने कहा कि सिर्फ रांची व जमशेदपुर रेंज में 450 करोड़ रुपये की टीडीएस गड़बड़ी (मिसमैच) के मामले सामने आये हैं. हालांकि विभाग का निर्देश है कि पहले इनका ई-वेरिफिकेशन होगा. इसके बाद भी संबंधित करदाता का कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तब उनके ठिकाने पर स्पॉट वेरिफिकेशन या सर्वे किया जायेगा.
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अब चूंकि कोरोना का संक्रमण सामान्य हो रहा है, आर्थिक गतिविधियां भी पटरी पर आ रही हैं. यही कारण है कि नवंबर में जीएसटी का 1.31,000 करोड़ राजस्व संग्रह हुआ है. हमें भी उम्मीद है कि टीडीएस का ग्रोथ भी जीएसटी की तरह होगा. आमतौर पर टीडीएस में तीन तरह की गड़बड़ी सामने आ रही है. इसमें नियोक्ता को जितना टीडीएस काटना चाहिए, वह नहीं काट रहा है. बहुत से नियोक्ता टीडीएस काट रहे हैं, लेकिन समय पर सरकार के खाते में जमा नहीं कर रहे हैं. कुछ नियोक्ता ऐसे भी हैं, जो टीडीएस जमा ही नहीं कर रहे हैं. इसी वजह से विभाग ‘टीडीएस आउटरीच प्रोग्राम’ चला रहा है. इसी कड़ी में हमलोगों ने सुबह में टाटा स्टील के फाइनांस विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की, तो शाम को सिंहभूम चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री से संवाद कार्यक्रम है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन लोगों को टीडीएस के दायरे में लाना है, जो अभी नहीं हैं. इस मौके पर अंजलि लकड़ा (आयकर अधिकारी, टीडीएस वार्ड, जमशेदपुर) भी उपस्थित थीं.
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