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जमशेदपुर कोऑपरेटिव काॅलेज बनेगा माॅडल काॅलेज, जगमगायेगा परिसर, सड़क-मैदान होंगे चकाचक

Jamshedpur : कोल्हान के सबसे बड़े अंगीभूत महाविद्यालय कोऑपरेटिव काॅलेज को माॅडल काॅलेज बनाने की तैयारियां जोरों-शोरों से शुरू हो गई हैं. इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रहीं हैं. पठन-पाठन के साथ शिक्षकों भी ट्रेनिंग देने का काम शुरू हो चुका है. इस कवायद की अंतिम कड़ी काॅलेज को ऑटोनॉमस यानी स्वायत्त बनाने की है. स्वायत्त होने जाने के बाद काॅलेज अपने फंड को अपने हिसाब से खर्च कर पायेगा. कुछ माह के अंदर नैक की ग्रेडिंग होनेवाली है. इसमें अगर काॅलेज को ए ग्रेडिंग मिलता है, तो काॅलेज के ऑटोनॉमस होने का रास्ता खुल जायेगा. फिलहाल कॉलेज को बी ग्रेडिंग मिली हुई है, जो कि ऑटोनॉमस कॉलेज के लिए काफी नहीं है.

उपायुक्त ने दिया आठ लाख का फंड

कोऑपरेटिव कॉलेज के प्राचार्य अमर सिंह ने बताया कि काॅलेज के विकास के लिए उपायुक्त से वार्ता के बाद बेंच और टेबल की व्यवस्था करने का आग्रह किया गया था. उपायुक्त की ओर से आठ लाख का फंड काॅलेज प्रबंधन को दिया गया है. साथ ही तत्काल प्रभाव से जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया के सहयोग से काॅलेज परिसर के भवनों में सीपेज की मरम्मत करायी गयी है.

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काॅलेज परिसर में जल्द बनेगा स्टेडियम

कोऑपरेटिव काॅलेज के मैदान को लेकर भी आये दिन विवाद होता रहा है. इसे ध्यान में रखते हुए प्राचार्य ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव के सामने बात रखी थी. उन्होंने पूरी बात सुनने के बाद इस मैदान को स्टेडियम का रूप देने की बात कही थी. पिछले दिनों राज्य सरकार के आदेश के बाद मुंबई से एक टीम स्टेडियम निर्माण के लिए मैदान का मुयाअना करके गयी है.

बनेगा एलुमिनी एसोसिएशन

प्रचार्य ने बताया कि कॉलेज के ऐसे बहुत विद्यार्थी हैं, जो  शहर से लेकर देश-विदेश तक में फैले हैं और काॅलेज का नाम रोशन कर रहे हैं. इसे देखते हुए कोऑपरेटिव कॉलेज एलुमिनी एसोसिएशन बनाने का फैसला लिया गया है. एक्स स्टूडेंट्स को इससे जोड़ा जायेगा और जो सक्षम पूर्ववर्ती छात्र होंगे. उनसे  मदद की अपील भी की जायेगी, जिससे काॅलेज को एक प्रीमियर काॅलेज बनाने का सपना साकार हो सके.

जगमग होंगी सड़कें, सुधरेगी हालत

प्राचार्य ने कहा कि उपायुक्त ने भरोसा दिलाया है कि काॅलेज परिसर की अंदर की सड़कों स्थिति को जल्द ही बदलने का कार्य शुरू किया जायेगा. काॅलेज परिसर में 35 स्ट्रीट लाइटों लगाने की स्वीकृति दी गयी है. दस से पंद्रह दिनों के अंदर में काॅलेज परिसर में लाइटें लगनी शुरू हो जायेंगी.

एकेडमिक प्रोग्राम को दिया जा रहा बढ़ावा

डॉ अमर सिंह ने कहा कि काॅलेज के अंदर एकेडमिक प्रोग्राम को बढ़ावा देने के लिए इंटरनल क्वालिटी आईक्यू सेल की संयोजिका डाॅ नीता सिन्हा  की देखरेख में कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. विभागों को भी सलाह दी जा रही है. काॅलेज में वेबिनार का अयोजन बड़े स्तर पर कराया जा रहा है.

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