
Amit Jha
Ranchi: बोकारो जिले का एक प्रखंड और निर्वाचन क्षेत्र है चंदनकियारी. कृषि प्रधान क्षेत्र के रूप में पहचाने जानेवाले चंदनकियारी में पिछले दो वर्षों से इंटरनेशनल सिंथेटिक ट्रैक बिछाने का काम जारी है. नौ करोड़ की लागत से इस ट्रैक का निर्माण होना है. बोकारो जैसे विख्यात शहर को छोड़ कर एक छोटे से कस्बाई इलाके में ट्रैक बिछाने के निर्णय पर खेल जगत हैरान है.
सिंथेटिक ट्रैक से बढ़ती है एथलीट्स की स्पीड और परफॉर्मेंस
रघुवर दास सरकार में खेल विभाग ने एथलेटिक्स के खिलाड़ियों के लाभ के लिए सिंथेटिक ट्रैक निर्माण की योजना बनायी. एक रांची में और दूसरा चंदनकियारी (बोकारो) में. ऑल वेदर सिंथेटिक ट्रैक एथलीट गेम्स के लिए बेहद जरूरी हो गये हैं.
आज के समय में सिंथेटिक ट्रैक एथलेटिक्स गेम्स की पहली जरूरत है. इससे एथलीट अपने स्पीड वर्क और परफॉर्मेंस पर ध्यान दे सकते हैं. देश के प्रसिद्ध धावक रहे मिल्खा सिंह को नंगे पांव दौड़ने की आदत थी. उन्हें जूतों के साथ ट्रैक पर दौड़ना नहीं आता था. इस कारण उन्हें कई प्रतियोगिताओं में समस्याएं आयी थीं.

एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और इंटरनेशनल स्तर की भी तमाम प्रतियोगिताएं सिंथेटिक ट्रैक पर होती हैं. ग्रास व सीमेंटिड ट्रैक पर दौड़नेवाले खिलाड़ी नेशनल व इंटरनेशनल इवेंट्स में जाकर फिसड्डी हो जाते हैं. सिंथेटिक ट्रैक के अभाव में खिलाड़ी को बरसात के समय में खासी दिक्कत होती है.
इस वजह से खिलाड़ी मेहनत करने के बावजूद भी मेडल नहीं जीत पाते हैं. लेकिन अब ऐसा नहीं हो, इस नजरिये से झारखंड के होनहार खिलाड़ियों के लिए शुरुआत से ही सिंथेटिक ट्रैक की सुविधा दिये जाने का विभाग का विचार एक उत्तम निर्णय ही कहा जायेगा. ऐसे में खिलाड़ियों को सिंथेटिक ट्रैक मिलता है, तो यकीनन खिलाड़ियों को इसका फायदा मिलेगा.
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स्थल चयन में आदर्श मानक नहीं
चन्दनकियारी में विश्वस्तरीय ब्लू (नील रंग) कलर वाला सिंथेटिक ट्रैक बिछाये जाने का कार्य जारी है, विभाग के स्तर से ट्रैक निर्माण की योजना अव्वल दर्जे की रही पर इसके लिए चंदनकियारी जैसी छोटी जगह का चयन ताज्जुब भरा माना जा रहा है.
दरअसल यह इलाका एक कृषि प्रधान क्षेत्र है. सूखे की मार से किसान बेहाल रहते हैं. रोजगार के अभाव में लोग पलायन करते रहते हैं. निकटवर्ती बोकारो या धनबाद में इस पर काम होने से इसका वास्तविक लाभ उठानेवालों की संख्या अधिक हो सकती थी.
विभाग के अनुसार वहां एथलेटिक्स सेंटर हैं और उनमें प्रतिभावान बच्चों के लिए आवासीय प्रशिक्षण और अध्ययन की सुविधा है. इस लिहाज से वहां ट्रैक बिछाने की योजना आरम्भ की गयी. हालांकि चंदनकियारी में ट्रैक निर्माण की योजना नवम्बर, 2018 से ही शुरू हो गयी थी जबकि वहां एथलेटिक्स सेंटर का उद्घाटन जुलाई, 2019 में खेल मंत्री अमर बाउरी ने किया था. सेंटर के लिए 16 बच्चों का चयन विभाग ने 2018 में किया था.
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सात लेन का बिछना है विश्व स्तरीय ट्रैक
3 नवम्बर, 2018 को तत्कालीन खेल मंत्री अमर बाउरी ने चंदनकियारी में सात लेन के एथलेटिक ट्रैक एवं फ़ुटबाल स्टेडियम के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया था. इस कार्यक्रम के दौरान उनके संग मुख्य रूप से धनबाद सांसद पशुपति नाथ सिंह और जिला परिषद अध्यक्ष, बोकारो सुषमा देवी भी उपस्थित थीं.
खेल मंत्री अमर कुमार बाउरी ने ही 1 जुलाई 2019 को झारखंड खेल प्राधिकरण द्वारा संचालित एथलेटिक्स केंद्र चंदनकियारी, बोकारो का भी उद्घाटन प्लस टू हाई स्कूल चंदनकियारी में किया था. उन्होंने तब कहा था कि इस प्रशिक्षण केंद्र के खुलने से अब चंदनकियारी से भी राज्य और देश को आनेवाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी मिल सकेंगे.
9 करोड़ की लागत से सिंथेटिक ट्रैक और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल स्टेडियम की चर्चा करते हुए कहा था कि यह राज्य सरकार की बहुत बड़ी उपलब्धि है. यह देश का छठा सिंथेटिक ट्रैक है जो लग रहा है. इससे पूर्व इस तरह का सिंथेटिक ट्रैक देश के अन्य पांच राज्यों में लग चुका है. फ़िलहाल तो ट्रैक निर्माण जैसे सही निर्णय को एक गांव में बिछाये जाने पर सवाल उठने लगे हैं.
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