
Ranchi: हजारीबाग के बिंदेश्वरी पथ स्थित शैलेंद्र कुमार गुप्ता की रैयती जमीन पर हजारीबाग नगर निगम द्वारा नाली बनाए जाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट में हुई. मामले में कोर्ट के आदेश के आलोक में हजारीबाग के उपायुक्त, एसडीओ, नगर आयुक्त हाई कोर्ट में हुए सशरीर उपस्थित हुए. हाईकोर्ट ने हजारीबाग जिला प्रशासन को निर्देश दिया की वह जुर्माना के रूप में प्रार्थी को चार सप्ताह में 1 लाख रुपए की राशि का भुगतान करें. जुर्माना की यह राशि उस अधिकारी के वेतन से वसूली जाए जिसने प्रार्थी की जमीन को बिना अधिग्रहण किए उसपर नाली बना दिया. कोर्ट ने प्रार्थी के जमीन को नाली बनाए जाने पर उस जमीन के अधिग्रहण को लिए 12 सप्ताह में करीब 13 लाख रुपए का मुआवजा राशि का भुगतान प्रार्थी को करने का निर्देश हजारीबाग जिला प्रशासन को दिया है.
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दरअसल,हजारीबाग जिला प्रशासन के द्वारा शैलेंद्र कुमार गुप्ता की जमीन का अधिग्रहण नहीं किया गया और उनके जमीन पर हजारीबाग नगर निगम द्वारा नाली बना दिया गया. प्रार्थी ने नाली बनाए जाने के हजारीबाग नगर आयुक्त के आदेश को चुनौती दी है. इससे पूर्व की सुनवाई के दौरान हजारीबाग के उपायुक्त एवं एसडीओ ने हस्तक्षेप याचिका (आईए )दायर कर उस दिन कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें उपस्थित होने पर छूट देने और अगली सुबह में उपस्थित रहने का आग्रह किया था. इस आईए को कोर्ट ने मंजूर करते हुए इन्हें 29 जनवरी को उपस्थित रहने का निर्देश दिया था साथ ही उसी दिन नगर आयुक्त को भी सशरीर उपस्थित रहने को कहा था. यहां यह भी बता दे कि प्रार्थी के हजारीबाग स्थित बिंदेश्वरी पथ पर नगर आयुक्त की ओर से नाली बनाने का विरोध करने पर प्रार्थी शैलेंद्र कुमार एवं उसके भाई सुशील कुमार गुप्ता के खिलाफ 17 अगस्त 2022 को हजारीबाग सदर में कांड संख्या 293 /2022 दर्ज की गई थी.




