
Ranchi: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने रामगढ़ जिलान्तर्गत गोला प्रखंड के संग्रामपुर निवासी उपासी देवी की भूख से हुई मौत के लिये राज्य सरकार एवं रामगढ़ ज़िला प्रशासन को जिम्मेवार बताया है.
प्रकाश के अनुसार हेमंत सरकार को गरीबों, मजदूरों की कोई चिंता नहीं है. लॉकडाउन के मद्देनजर उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने न तो कोई विशेष तत्परता दिखायी है और न ही कोई मुकम्मल तैयारी ही की है. इसके कारण राज्य में गरीब भूख से मरने को विवश हैं.
प्रकाश के अनुसार केंद्र सरकार ने निर्देश जारी करते हुए सभी प्रदेशों को लॉक्ड डाउन के दौरान जन वितरण प्रणाली से सभी गरीबों, जरूरतमंदों को राशन उपलब्ध कराना अनिवार्य किया है.
बावजूद इसके ज़िला प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाये जिसका दुष्परिणाम सामने है. गरीब, मजदूर आज भूख से मरने को विवश हैं.
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रामगढ़ जिला प्रशासन ने मोदी आहार एवं राशन वितरण पर लगा दी रोक
प्रकाश के अनुसार भाजपा कार्यकर्ता कोरोना संकट के बीच लॉक डाउन में गरीबों, मजदूरों को भोजन और राशन उपलब्ध करा रहे हैं. लॉक डाउन का सबसे खराब प्रभाव रोज कमाने खाने वालों पर ही पड़ा है.
मोदी आहार वितरण का कार्य सभी जिलों में हो रहा है परंतु रामगढ़ ज़िला प्रशासन ने इस वितरण को रोक दिया है जो मानवता विरुद्ध कार्य है. एक तो प्रशासन ने अपनी जिम्मेवारी नहीं निभायी वहीं दूसरी ओर सेवा कार्यों के लिये इस संकट में जो मदद बाहर से आ रही है, उन्हें रोकने का कार्य भी वह कर रही है.
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कांग्रेसी मंत्री अपने क्षेत्र और समुदाय की चिंता में व्यस्त
प्रकाश के अनुसार कांग्रेस पार्टी को गरीबों की चिंता नहीं है. इनके मंत्री तो सिर्फ अपने क्षेत्र विशेष और समुदाय विशेष को राहत पहुचाने में लगे हैं. इसके लिए वे सारे नियमों को ताख पर रख चुके हैं.
रामगढ़ की मृतक महिला भी मंत्री के क्षेत्र की होतीं तो शायद कांग्रेस पार्टी चिंतित होती. प्रकाश ने रामगढ़ जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि मृतका के पोस्मार्टम रिपोर्ट को बदलकर दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है.
सरकार के लोग दबाव देकर नियम विरुद्ध निर्णय करा सकते हैं क्योंकि लॉक डाउन के बावजूद पाकुड़ बस भेजे जाने को ऐसे ही दबाव बनाये गये थे.
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