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#LockDownEffect: खाली रही खेल संघों की झोली, किसी को भी नहीं मिला एक भी रुपया अनुदान

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Amit Jha

Ranchi: झारखंड में खेल संघों को इस साल भी खेल अनुदान का लाभ नहीं मिल सका. लॉकडाउन में खेल अनुदान समिति की बैठक खेल विभाग नहीं करा सका. जिसका परिणाम यह हुआ कि संघों को अनुदान का लाभ दिए जाने पर कोई निर्णय नहीं लिया गया.

वित्तीय वर्ष 2018-19 में भी खेल संघों को अनुदान के तौर पर 1 रुपये भी नहीं मिला था. अनुदान के अभाव का असर खेल प्रशिक्षण, इस साल गोवा में अक्टूबर में होने वाले नेशनल गेम के लिए कैंप के आयोजन और दूसरे कामों पर पड़ सकता है.

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विभागीय सचिव ने दिया था अनुदान समिति की बैठक का निर्देश

खेल सचिव राहुल शर्मा ने खेल संघों, खेल निदेशालय और संबंधित लोगों के साथ एक अहम बैठक की थी. इसमें विभागीय पदाधिकारियों को खेल संघों को अनुदान दिए जाने के लिए अनुदान समिति की बैठक जल्द से जल्द कराने का निर्देश दिया था.

आंध्र प्रदेश सरकार की खेल नीतियों के अनुरूप खिलाड़ियों, खेल संघों को अनुदान, मदद दिये जाने की भी बात सचिव के स्तर से कही गयी थी. इस निर्देश के अनुपालन में सुस्ती का नतीजा रहा कि 24 मार्च तक इसकी बैठक नहीं की जा सकी. 24 मार्च को पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा देशभर में लॉक डाउन की घोषणा किये जाने की बात को आधार बनाकर खेल विभाग ने बैठक के मसले पर अपने हाथ खड़े कर दिये.

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लॉकडाउन का असर, समिति की नहीं हो सकी बैठक: खेल निदेशक

खेल निदेशक अनिल सिंह के अनुसार लॉकडाउन की स्थिति में खेल अनुदान समिति की बैठक के कार्यक्रम पर असर पड़ा. यही कारण रहा कि 31 मार्च तक कोई निर्णय नहीं लिए जाने से अनुदान की राशि निकलना संभव नहीं हुआ हालांकि बैठक कराये जाने के लिए प्रयास जारी था.

3 करोड़ तक मिलता अनुदान

राज्य में 14 प्रमुख खेल संघ हैं. विभागीय सचिव के निर्देश पर अगर खेल विभाग द्वारा अनुदान समिति की बैठक की गयी होती और इस पर निर्णय लिया गया होता तो 31 मार्च से पहले राशि की निकासी संभव भी होती. पर 6 मार्च के बाद 18 दिनों तक इस संबंध में कोई फैसला नहीं लिए जाने और 25 मार्च से लॉकडाउन शुरू हो जाने से 2019-20 में किसी भी खेल संघ के लिए अनुदान राशि का इंतजाम नहीं हो सका.

जानकारी के अनुसार समय रहते निर्णय लेने से लगभग 3 करोड़ रुपये के अनुदान का बंटवारा सभी खेल संघों के बीच किया जा सकता था. एथलेटिक्स, हॉकी, वुशू, आर्चरी, बॉक्सिंग जैसे खेलों से जुड़े संघों को इसका लाभ मिलता.

सूचना के मुताबिक खेल विभाग ने जरुरी खर्चों और टी.ए, डी.ए व अन्य कार्यों के लिए बैठक भी की पर अनुदान समिति की बैठक कराये जाने की फाइल पर कोई ध्यान ही नहीं दिया.

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2017 में मिला था चार खेल संघों को अनुदान

वित्तीय वर्ष 2017-18 में 4 खेल संघों को अनुदान दिये जाने की खबर है. टेबल टेनिस को 20 लाख, हॉकी और कुश्ती को 20-20 लाख और साइकिल पोलो को 5 लाख रुपये का अनुदान मिला था. इसके अगले वित्तीय वर्ष 2018-19 में किसी भी संघ को अनुदान नहीं मिला. 2019-20 में भी खेल संघों के लिए इस मामले में अच्छी खबर नहीं है.

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