
Ranchi: झारखंड राज्य के सरकारी सेवकों को केंद्र के अनुरूप आवास किराया भ त्ता, अनुमान्य कर दिया गया है. इसके लिए गाइडलाइन भी तय किया गया हे. इसके तहत पति-पत्नी दोनों के सरकारी सेवक होने एवं एक साथ निजी आवास, किराया के आवास में रहने की स्थिति में आवास किराया भत्ता दोनों को उनकी पात्रता के अनुसार स्वीकार्य होगा. वहीं, वर्गीकृत शहरों एक्ए एवं वाइ श्रेणी के शहरों की सीमा से सटे आठ किमी की परिधि में कार्यरत राज्य के सरकारी सेवकों के लिए भी वर्गीकृत शहरों के लिए अनुमान्य आवास किराया भत्ता दिया जायेगा. वहीं, आवास किराया भत्ता के संबंध में राज्य में अब जितने भी संकल्प, सर्कुलर है उसे संशोधित कर दिया गया है. आवास किराया भत्ता नियमावली 1980, संशोधित बाकी प्रावाधान यथावत रखे गये हैं. इस 12 मार्च को ही राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में निर्णय लिया गया था. इसके आलोक में वित्त सचिव प्रशांत कुमार के हस्ताक्षर से संकल्प जारी कर दिया गया है.
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