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घोषणा कर भूल गयी सरकारः 16 जुलाई 2016: सीएम ने पंचायत प्रतिनिधियों को मोटिवेट करने की कही थी बात

आज भी अपने हक के लिए लड़ रहे पंचायत प्रतिनिधि

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Priyanka

Ranchi: झारखंड में बहुमत की सरकार है. सरकार के मुखिया को इसका गुमान भी है. अक्सर कहते हैं कि हमने हर क्षेत्र में बहुत काम किया. झारखंड में ‘सबका साथ और सबका विकास’ हो रहा है. इसे परखने के लिए न्यूज विंग ने “घोषणा करके भूल गयी सरकार” नाम से एक सीरीज शुरु की है. आज हम राज्य के मुखिया के दो साल पहले किये गये वादे की बात करेंगे.

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दो साल पहले एक अखबार को दिए अपने इंटरव्यू में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा था कि पंचायत प्रतिनिधियों को वो मोविवेट करेंगे. ताकि वो अपने कार्यों और अधिकारों के प्रति सजग हो सके. सीएम ने बातचीत के दौरान कहा था कि पंचायत प्रतिनिधियों को मोटिवेट करने की जरुरत है, मोटिवेशन के अभाव में पंचायत प्रतिनिधि वह नहीं कर पा रहे, जिसकी अपेक्षा गांव की जनता उनसे करती है. इसके लिए रघुवर दास ने पंचायत सचिवालय खोलने की भी बात कही थी.

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पंचायत सचिवालय तो खोले गये, लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों को मोटिवेट करना तो दूर की बात वो आज भी अपने आप को उपेक्षित महसूस करते हैं. आये दिन आपको, पंचायत प्रतिनिधि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते दिख जायेंगे. स्थानीय शासन प्रणाली के तौर पर जाने-जानेवाले पंचायत के प्रतिनिधियों को उनके कार्यों, अधिकारों के लिए जागरुक और उत्साहित करने से इतर पंचायत प्रतिनिधि ही अपनी हक की लड़ाई लड़ते नजर आते हैं. पंचायत प्रतिनिधि जैसे मुखिया संघ की मानें तो एक ओर जहां 32 सालों बाद राज्य में पंचायत की सरकार के लिए चुनाव हुए, वही 2010 के बाद भी उनके हालात में सुधार नहीं आया है. आठ सालों में भी स्थानीय सरकार को काम करने के लिए संपूर्ण अधिकार नहीं मिल रहे.

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आज भी पंचायत सेवक, रोजगार सेवक प्रखंड प्रशासन के अधीन है ना कि ग्राम पंचायत के. छोटे-छोटे काम के लिए पंचायत प्रतिनिधियों को प्रखंड के अधिकारियों पर निर्भर होना पड़ता है. ऐसे में गांव की जनता की उम्मीदों पर पंचायत प्रतिनिधि खरे उतरे भी तो कैसे. सरकार और राज्य के मुखिया को एकबार फिर से याद दिलाना होगा कि उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को मोटिवेट करने की बात कही थी, लेकिन अबतक इनके अधिकार क्षेत्र को लेकर ही स्थिति साफ नहीं है, ऐसे में कैसे होगा गांवों का विकास… कैसे झारखंड में सबका साथ-सबका विकास’का नारा बुलंद किया जा सकता है.

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