न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

साईनाथ, राय और इक्फाई यूनिवर्सिटी के कुलपति की योग्यता यूजीसी गाइडलाईन के अनुरूप नहीं

यूजीसी के नियमों को ताक पर रखकर तीनों यूनिवर्सिटी कमाई कर रहे हैं

4,023

Ranchi : झारखंड के प्राइवेट यूनिवर्सिटी यूजीसी एवं झारखंड सरकार के प्राइवेट यूनिसर्सिटी मॉडल गाइड लाइन को दरकिनार कर अपनी मनमानी कर रहे हैं. झारखंड में स्थापित हो चुके प्राइवेट यूनिवर्सिटी – जिनमें राय यूनिवर्सिटी, इक्फाई यूनिवर्सिटी एवं साईनाथ यूनिवर्सिटी हैं. ये सभी लगातार  यूजीसी के नियमों को ताक पर रखकर कमाई कर रहे हैं. उपरोक्त तीनों यूनिवर्सिटी में कुलपति के पद पर पदस्थापित व्यक्ति यूजीसी के अनुरूप नहीं है. क्योंकि झारखंड सरकार के यूनिवर्सिटी मॉडल गाइड लाइन के अनुसार इन प्राइवेट यूनिवर्सिटी में कुलपति पद पर बहाली नहीं हुई. इससे भी ज्यादा गंभीर बात यह है कि मामले की जानकारी सरकार को भी है. फिर भी इसपर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी है.

दरअसल तीनों ही यूनिवर्सिटी में प्रोपराइटर ही कुलपति के पद पर बहाल हो गये हैं, जो यूजीसी के गाइड लाइन के अनुरूप योग्यता नहीं रखते हैं. इक्फाई यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. ओआरएस राव, राय यूनिवर्सिटी की कुलपति सविता सेंगर और साईनाथ के प्रति-कुलपति प्रो. एसपी अग्रवाल ये तीनों ही यूजीसी एक्ट 2016 के अनुरूप कुलपति की न्यूनतम योग्यता भी नहीं रखते हैं.

Trade Friends

इसे भी पढ़ें – हेमंत ने सदन में कहा सीएम करते हैं गुंडागर्दी, सीपी सिंह का पलटवार

एमटेक और बीटेक कर बन गये कुलपति

साईनाथ, राय और इक्फाई यूनिवर्सिटी के कुलपति की योग्यता यूजीसी गाइडलाईन के अनुरूप नहीं

वहीं इक्फाई यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. ओआरएस राव ने बीटेक के साथ एमबीए किया है. कुलपति बनने के पहले उनके पास प्रोफसर रहने का कोई अुनभव नहीं है. जबकि साईनाथ यूनिवर्सिटी के प्रतिकुलपति प्रो. एसपी अग्रवाल एमटेक के छात्र हैं और उनके पास भी प्रोफसर के पद का कोई  अनुभव नहीं है. वहीं राय यूनिवर्सिटी की कुलपति सविता सेंगर एमबीए की छात्रा हैं और इनके पास भी राय यूनिवर्सिटी में आने से पहले प्रोफसर के पद पर रहने पर का कोई भी अनुभव नहीं है.

इसे भी पढ़ें – ब्रदर्स एकेडमी के शिक्षक का कारनामा- फिजिक्स से किया BSc, किताब में दी मैथ्स से PG करने की जानकारी

बिना कुलपति के साईनाथ यूनिवर्सिटी

साईनाथ, राय और इक्फाई यूनिवर्सिटी के कुलपति की योग्यता यूजीसी गाइडलाईन के अनुरूप नहीं

साईनाथ यूनिवर्सिटी जब से झारखंड में स्थापित है, तब से यहां कोई कुलपित नहीं बनाया गया है. कुलपति का सारा कार्य प्रतिकुलपति के पद पर पदस्थापित प्रो. एसपी अग्रवाल के द्वारा किया जा रहा है. ऐसे में एक बड़ा प्रश्न है कि यूनिवर्सिटी में बिना कुलपति के शैक्षिणक कार्य कैसे किया जा रहा है.

इसे भी पढ़ें – गड़बड़झाला ! आखिर बंद प्रेस में कैसे हो रही किताबों की छपाई

WH MART 1

क्या है कुलपति बनने का यूजीसी गाइड लाइन

साईनाथ, राय और इक्फाई यूनिवर्सिटी के कुलपति की योग्यता यूजीसी गाइडलाईन के अनुरूप नहीं

यूजीसी गाइड लाइन 2016 के अुनसार, कुलपति बनने के लिए न्यूनतम योग्यता के तौर पर प्रोफेसर पद पर रहते हुए पीजी के छात्रों को पढ़ाने का कम से कम 10 सालों अनुभव होना चाहिये. इसलिये अगर देखा जाये तो कुलपति पद के लिए वही व्यक्ति योग्यता रखता है, जिसके पास कॉलेज में पढ़ाने का 25 सालों का अनुभव हो. साथ ही  रिसर्च पब्लिकेशन एवं उच्च स्तर के किताबों को लिखना भी होना अनिवार्य है.

इसे भी पढ़ें – तीसरी से सातवीं तक के बच्चे दूसरी क्लास पास होने के लायक भी नहीं, रिपोर्ट में हुआ खुलासा

शिक्षाविद सह रांची विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. एए खान के विचार

वहीं इस बारे में रांची विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. एए खान का कहना है कि यूजीसी के नियमों के मुताबिक, कुलपति बनने के लिए उच्च शिक्षा जगत में 10 वर्षो का अनुभव के अलावा   रिसर्च पब्लिेकशन एवं किताबों को लिखा जाना चाहिये. साथ ही उन्होंने कहा कि प्राइवेट यूनिवर्सिटी शिक्षा के बजारीकरण में यूजीसी के नियमों को अनदेखी कर रहे हैं. सरकार को चाहिए कि इन यूनिवर्सिटी पर ठोस कार्यवाई करे, ताकि उच्च शिक्षा में गुणवत्तापुर्ण शिक्षा बच्चों को मिल सके.

इसे भी पढ़ें – खराब रिजल्ट के लिए शिक्षकों की कमी की बहानेबाजी नहीं चलेगी : उपायुक्त

क्या कहना है अबू इमरान का

झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा निदेशक अबू इमरान का इस बारे में कहना है कि प्राइवेट यूनिवर्सिटी सेल्फ फाइनांस होती हैं. सरकार पर उनका नियंत्रण कम होता है. उनकी स्थापना में सरकार मदद करती है. लेकिन जहां तक यूजीसी के नियमों की अनदेखी का प्रश्न है, तो ऐसे में  सरकार उसपर लगातार नजर रख रही है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं. 

 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like