
Ranchi: करीब चार साल पहले वर्ष 2019 में चालक आरक्षी (पुलिस) को हवलदार कोटि में प्रोन्नति देने के लिए राज्य सरकार ने सहमति जता दी थी. राज्य के अलग अलग जिलों के जिला वाहिनी और इकाई में पोस्टेड करीब 348 कर्मियों की प्रोन्नति के मामले में विचार उस दौरान हुआ. इनमें से 304 को योग्य भी पाया गया. पर अब सरकार कह रही है कि इस पर रोक लगा दी गयी है. मामला प्रक्रियाधीन है.
कोरोना का भी बहाना
विधायक राज सिन्हा ने गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग, झारखंड से चालकों (पुलिस) के पदोन्नति के संबंध में मॉनसन सत्र में सरकार से जानकारी मांगी. तारांकित प्रश्न के जरिये इस विषय को रखा था. इस पर विभाग ने बताया है कि हवलदार कोटि में 2019 में 304 चालकों को प्रमोशन के योग्य पाया गया. केंद्रीय चयन पर्षद ने इस पर निर्णय लिया था. इसके बाद महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक का अनुमोदन मिला. इसके बाद सभी क्षेत्रीय पुलिस उप महानिरीक्षक को प्रसारित भी किया गया. पर 2019 में विधानसभा आम चुनाव के चलते आचार संहित लग गयी. इसके बाद इस पर अमल करने को पहल होनी थी. फिर कोविड-19 के लॉकडाउन के कारण चयनित योग्य कर्मियों की प्रोन्नति सह स्थानांतरण की कार्रवाई नहीं हो सकी. अब कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने (संकल्प सं-821, 05-2-21, ज्ञापांक-6752, 24.12.2020) प्रोन्नति पर रोक लगा दी. मामला प्रोसेस में है.
सदन के बाहर मीडिया से बात करते राज सिन्हा ने सरकार के ऐसे जवाब पर ताज्जुब जाहिर किया है. नियुक्ति मामले में सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा किया.
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