
Giridih: दो डिसमिल रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराने सीआई और गिरिडीह के बगोदर थाना पुलिस ने एक गरीब महिला के घर को ही जमींदोज कर दिया. इसके बाद मामले को लेकर मुखिया समेत ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया. लेकिन ना तो सीआई ने मामले को गंभीरता से लिया, और ना ही बगोदर थाना पुलिस ने. गरीब महिला का पूरा घर टूटने से गुस्साए मुखिया और ग्रामीणों ने बगोदर सीआई और पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि गरीबों को अधिकार दिलाने के दिलाने के लिए राज्य सरकार आपकी योजना आपकी सरकार और आपके द्वार कार्यक्रम चला रही है. तो दूसरी तरफ बगोदर में एक गरीब महिला का घर सिर्फ इसलिए तोड़ दिया कि अतिक्रमण के जद्द में आए दो डिसमिल रास्ते को मुक्त कराना था और वो भी बगैर नोटिस दिए तोड़ा गया. जानकारी के अनुसार बगोदर के बेको पश्चिमी पंचायत निवासी रीत लाल साव की पत्नी गीता देवी अकेले रहती है. जबकि उसके पति दुबई में काम करते हैं. शुक्रवार को बगोदर अचंल के सीआई प्रमोद पासवान और बगोदर पुलिस दोनों साथ पहुंचे. और घर का सारा समान बाहर करने लगे. पंलग-गोदरेज से लेकर खाद्य पद्धार्थ के समानों को भी सीआई के निर्देश पर पुलिस ने घर से बाहर कर दिया और बुलडोजर से पूरा घर ही तोड़ दिया. जबकि अतिक्रमण महज दो डिस्मिल जमीन था. लेकिन सीआई और बगोदर पुलिस ने सारी हदे पार करते हुए अपने रुतबे का फायदा उठाया. और प्रवासी मजदूर का घर ही तोड़ दिया. मामले की जानकारी मिलने के बाद बगोदर एसडीएम के साथ प्रमुख आशा राज भी पहुंची और पुलिस की कार्रवाई का जमकर विरोध किया.
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