
- गिरिडीह में प्रवासी मजदूरों का लौटना अब भी जारी, कांग्रेस नेता ने जम्मू में फंसे 16 युवा प्रवासियों को अपने स्तर से करायी घर वापसी
- छोटे दुकानदारों पर कोराना काल कहर बनकर टूटा, एक ने होटल को तब्दील किया किराना दुकान में, तो दूसरे ने पान दुकान को फल दुकान में बदला
Giridih: कोरोना के नौ केस मिलने के बाद मंगलवार को गिरिडीह के लिए राहत की खबर रही कि 50 सैंपल रिपोर्ट निगेटिव आयी. इसमें प्रवासी मजदूरों के साथ वैसे लोगों की भी रिपोर्ट शामिल है जो पहले से होम क्वारेंटाइन या सरकारी क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे हैं.
इसकी पुष्टि करते हुए सिविल सर्जन डॉ अवधेश सिन्हा ने बताया कि प्रवासी समेत क्वारेंटाइन में रह रहे लोगों के हर रोज सैंपल भेजे जा रहे हैं. मंगलवार को ही 94 नये सैंपल जांच के लिए भेजे गये.
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो अब तक पूरे जिले से साढ़े तीन सौ से अधिक जांच सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है. गिरिडीह स्वास्थ विभाग हर रोज सैंपल जुटाकर धनबाद पीएमसीएच को जांच के लिए भेजता है.
स्वास्थ विभाग की मानें तो घर लौटे प्रवासी मजदूरों में बड़े पैमाने पर लोग शहर में भी रह रहे हैं. इन मजदूरों को लेकर कुछ दिनों से कोरोना पॉजिटिव होने की अफवाह उड़ायी जा रही है जबकि इनके सैंपल लिये हैं पर रिपोर्ट नहीं आयी है.
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मजदूरों की घर वापसी जारी
इधर महानगरों से प्रवासी मजदूरों की घर वापसी गिरिडीह में लगातार जारी है. इसी क्रम में शहर के कांग्रेस नेता सह कांग्रेस ओबीसी सेल के प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन चौरसिया ने अपने स्तर से जम्मू में फंसे 16 युवा प्रवासी कामगारों की घर वापसी करायी.
कांग्रेस नेता ने जिन युवा प्रवासियों को जम्मू से घर वापसी करायी, वे सभी जम्मू के हॉटस्पॉट जोन में फंसे थे, और जम्मू के एक होटल में रह रहे थे.
काम से निकाले जाने के बाद प्रवासी कामगारों ने मदद की गुहार लगायी लेकिन प्रशासनिक स्तर से कोई सहयोग नहीं मिलने के बाद कांग्रेस नेता ने अपने स्तर से इनकी वापसी करायी.
बुधवार को ही सरकार के सहयोग से तीन हजार 9 सौ 55 प्रवासी मजदूरों की घर वापसी हुई जिसमें सूरत, राजस्थान और मुंबई के मजदूर शामिल थे. मजदूरों के साथ महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे.
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बेवकूफ होटल की जगह खुली राशन दुकान
कोरोना काल का कहर शहर के छोटे कारोबारियों पर किस कदर टूट पड़ा है, इसकी बानगी है शहर के होटल कारोबारी और पान दुकानदार.
पूरे राज्य में होटल बेवकूफ नामक होटल का संचालन करने वाले प्रदीप साव ने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए अब उसी होटल में किराने की दुकान खोल ली है.
इसी प्रकार बड़ा चौक में चौरसिया पान दुकान का संचालन करने वाले 70 वर्षीय वृद्ध सुरेश चौरसिया ने परिवार का पेट पालने के लिए गुमटी में फल दुकान की शुरुआत कर दी.
हालांकि दोनों दुकानदार को बहुत अधिक राहत तो नहीं मिली लेकिन दोनों दुकानदारों की मानें तो उन दुकानों में ही कोरोना काल में कारोबार बदलने के बाद परिवार का भरण-पोषण किसी प्रकार हो रहा है.
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