
Ranchi: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री औऱ कोडरमा से महागठबंधन उम्मीदवार बाबूलाल मरांडी के बाद झारखंड के एक और पूर्व सीएम हेमंत सोरेन को कथित धमकी मिली है.
पूर्व सीएम हेमंत सोरेन को माओवादियों के नाम से धमकी भरा पत्र भेजा गया है. पत्र में बरमसिया श्मशान रोड गिरिडीह के रहने वाले अधिवक्ता अविनाश सिन्हा के लेटरपेड का इस्तेमाल किया गया है.
माओवादियों के नाम से भेजे गये इस पत्र में लिखा गया है कि लोकसभा चुनाव में झारखंड विकास मोर्चा के प्रत्याशी को बैठा दें और 19 मई 2019 तक झारखंड से बाहर रखें. इसका पालन करें अन्यथा आप को कोडरमा कांग्रेस जिला अध्यक्ष शंकर यादव की तरह सरेआम वाहन समेत उड़ा दिया जायेगा.
बता दें कि बाबूलाल मरांडी और हेमंत सोरेन को एक ही लेटर पैड पर पत्र लिखा गया है. यह लेटर पैड पर गिरिडीह, बरमसिया निवासी किन्ही अविनाश कुमार सिन्हा का है.
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बीजेपी और भाकपा माओवादी के बीच समझौता होने का जिक्र
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को माओवादियों के नाम से भेजे गये पत्र में लिखा है कि संगठन के साथ झारखंड में लोकसभा की कुल 14 सीटों को लेकर भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष श्री अमित शाह जी एवं झारखंड मुख्यमंत्री रघुवर भैया के साथ समझौता हुआ है.
समझौते में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में ऐतिहासिक जीत दर्ज करवाने का जिम्मा भाकपा माओवादी संगठन को मिला है. इसे अत्यावश्यक समझें.
वाहन समेत उड़ाने की दी गयी है धमकी
भाकपा माओवादी के नाम से हेमंत सोरेन को भेजे गये पत्र में लिखा गया है कि 23 अप्रैल 2019 से लेकर 19 मई 2019 तक झारखंड में रहने के लिए प्रतिबंध हैं इसके अलावा संगठन की ओर से आपको 48 घंटे का समय दिया जा रहा है.
और निर्देश दिया जाता है इस निर्धारित समय में अपनी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रत्याशी को बैठा दें और 19 मई 2019 तक झारखंड से बाहर रखें.
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हार स्वीकार कर ऐसे हथकड़े अपना रही बीजेपी : विनोद पांडेय
हेमंत सोरेन को मिले इस पत्र के लिए जेएमएम ने बीजेपी के मिलीभगत होने का आरोप लगाया है. पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी महासचिव सह प्रवक्ता विनोद पांडेय ने कहा कि माओवादी संगठन द्वारा हेमंत सोरेन को मिली धमकी के पीछे बीजेपी का हाथ है.
पत्र में बीजेपी नेताओं के साथ हुए समझौते का जिक्र इसकी पुष्टि करता है. बाबूलाल मरांडी के बाद हेमंत सोरेन को मिली ऐसी धमकी से स्पष्ट है कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी अपने हार को मान रही है.
हताश होकर ही वह ऐसी हथकंडे को अपनाने का काम कर रही है. उऩ्होंने कहा कि रांची एसएसपी को इसकी जानकारी दी गयी है. वहीं पत्र भेजे जाने वाले व्यक्ति के नाम पर एक एफआईआर भी कराने की बात विनोद पांडेय ने कही है.
क्या कहती है पुलिस
इस मामले गिरिडीह एसपी का कहना है कि इस पत्र को लिखने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से विक्षिप्त मालूम पड़ता है. पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है. इसमें किसी तरह की राजनीतिक साजिश की संभावना नहीं है.
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