
Ranchi : रांची नगर निगम के बकरी बाजार स्टोर रूम में पड़ी सिटी बसें सड़ने के कगार पर पहुंच गयी हैं. राजधानी की सड़कों पर इन बसों के परिचालन के लिए गत जनवरी माह में निगम ने नौंवी बार टेंडर निकाला था. लेकिन कई कारणों से किसी भी ऑपरेटरों ने इस और रुचि नहीं दिखायी. ऐसे में एक बार फिर इन बसों के लिए टेंडर निकालने की कवायद चल पड़ी है. खबर है कि आचार संहिता खत्म होने के बाद निगम इस और कदम बढ़ायेगा. जानकारी क अनुसार निगम की इन सिटी बसों को पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक ले जाने के कवायद पर भी विराम लगता दिख रहा है.
हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जनवरी से मार्च तक इस दिशा में पहल की गयी, लेकिन देखा जाये, तो योजना धरातल पर नहीं दिखी. मालूम हो कि इससे पहले जनवरी माह में निगम की कुल 91 सिटी बसों (26 लाल सिटी बसों व अन्य 65 बसों) के ऑपरेटर तय करने के लिए नया टेंडर निकाला गया था, लेकिन किसी ने भी इसमें कोई रुचि नहीं दिखायी. जिससे यह कवायद बेकार चली गयी.
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निर्धारित थी कई शर्तें, ऑपरेटरों ने नहीं दिखायी रुचि
जनवरी माह में निगम ने इन सिटी बसों के लिए नौवीं बार टेंडर निकाला था. टेंडर की शर्तो के अनुसार, इसमें उन्हीं ऑपरेटरों को भाग लेने की बात कही गयी थी, जिसके पास बस, ट्रक और ट्रैवल एजेंसी चलाने का पांच साल का अनुभव हो. साथ ही उनके पास कम से कम 5 हेवी वाहन हों. अन्य शर्त के मुताबिक इच्छुक ऑपरेटरों को नयी सिटी बसों के परिचालन के लिए प्रतिदिन 451 रुपये और पुरानी सिटी बसों के परिचालन के लिए प्रतिदिन 201 रुपये प्रति बस की दर से निगम में जमा करने थे.
वहीं एक बार बस को हैंडओवर करने के बाद ऑपरेटर को ही इन बसों का मेंटेनेंस करने की बात कही गयी थी. टेंडर खाली जाने के सवाल पर सूत्रों का कहना है कि प्रतिदिन बड़ी राशि लेने और संभवतः प्रभावशाली ऑपरेटरों के दबाव की वजह से किसी भी ऑपरेटर ने इसमें रुचि नहीं दिखायी है.
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आचार संहिता से रुकी प्रक्रिया, प्रीमियम कम कर निकलेगा नया टेंडर
सिटी बसों का काम देख रहे निगम के सिटी मैनेजर सौरभ कुमार का कहना है कि नौवें टेंडर में किसी भी ऑपरेटरों के रुचि नहीं दिखाने के बाद नगर आयुक्त को संबंधित कागजात भेज दिये गये थे. हालांकि उसके बाद लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने के कारण प्रक्रिया रोक दी गयी. अब चुनाव बाद नया टेंडर निकाल कर पूरे शहर में बसों को चलाने की कवायद पूरी की जायेगी. इसके लिए प्रीमियम राशि में कटौती की बात भी उन्होंने की है.
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