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आम्रपाली ग्रुप से 20 लाख में खरीदे गये पेंटहाउस पर कब्जे के लिए  SC की शरण में धोनी, आवंटन रद्द होने का अंदेशा

सुप्रीम कोर्ट की तरफ से नियुक्त फोरेंसिक ऑडिटर्स ने पाया कि पेंटहाउस महज 20 लाख में खरीदा गया . मार्केट प्राइज 1.25 करोड़ रुपये है.   

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NewDelhi : क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी नोएडा में 5800 स्क्वायर फीट के पेंटहाउस का कब्जा पाने के लिए SC में  गुहार लगायी है.  भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं. दरअसल, आम्रपाली में धौनी ने एक पेंट हाउस खरीदा था, जिसका पॉजेशन कंपनी ने उन्हें नहीं दिया.  सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्ति फोरेंसिक ऑडिटर्स को उन्होंने बताया कि कंपनी ने देनदारों की सूची में भी शामिल नहीं किया.

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आवंटन रद्द होने के डर से अब धौनी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से नियुक्त फोरेंसिक ऑडिटर्स ने पाया था कि यह पेंटहाउस महज 20 लाख रुपये में खरीदा गया है.  धोनी को डर है कि कही इस पेंटहाउस का अलॉटमेंट रद्द न हो जाये. इस पेंटहाउस का निर्माण विवादों में घिरेआम्रपाली ग्रुप ने कराया है.

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वित्तीय लेनदेन के बारे में स्पष्टीकरण मांगा

जानकारी के अनुसार  धोनी ने 5बीएचके का पेंटहाउस फैमिली लाउंज के साथ नोएडा के सेक्टर 45 में  2009 में महज 20 लाख रुपये में खरीदा था.  बताया गया है कि इस पेंट हाउस की मार्केट प्राइज 1.25 करोड़ रुपये है.  जब ऑडिटर्स रवि भाटिया और पवन कुमार अग्रवाल ने पाया कि धोनी उन 655 खरीददारों में शामिल है,  जिन्होंने आम्रपाली ग्रुप से औनेपौने दामों में फ्लैट खरीदे हैं, तो इसके बाद उन्होंने धोनी से आम्रपाली ग्रुप के साथ हुए वित्तीय लेनदेन के बारे में स्पष्टीकरण मांगा.  धोनी ने ऑडिटर्स को बताया कि न तो उन्हें और ना ही उनके परिवार के किसी सदस्य को आम्रपाली ग्रुप की तरफ से किसी भी तरह का पैसा  मिला है.

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धोनी ने दलील दी कि फ्लैट की कीमत को आम्रपाली ग्रुप द्वसास बकाया देने में असफल रहने की स्थिति में कई करोड़ के फ्लैट को छूट पर बेचने के रूप में देखा जाना चाहिए.  साथ ही वह इस ग्रुप के ब्रांड एबेंसडर भी रहे हैं. ऑडिटर्स ने कोर्ट को दी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इन फ्लैट को महज एक रुपये प्रति वर्ग फीट की कीमत पर बेचा गया,  जबकि इन परियोजनाओं में काफी पैसा निवेश किया गया है. डेवलपर्स ने फ्लैट्स को कागजों में औनेपोने दामों पर बेचा लेकिन खरीदारों से करीब 159 करोड़ रुपये की ब्लैक मनी कैश में प्राप्त की.

अब इस बात के संकेत मिले हैं  कि सुप्रीम कोर्ट इस तरह के फ्लैट का अलॉटमेंट रद्द कर सकता है और इसकी नीलामी के जरिये ग्रुप की अन्य हाउसिंग परियोजनाओं को पूरा करने के लिए पैसे जुटाये जायेंगे.  इसके  बाद धोनी प्रोटेक्शन के लिए सुप्रीम कोर्ट की शरण में पहुंचे हैं. धोनी ने सुप्रीम कोर्ट में दी अपनी याचिका में कहा है कि उनके द्वारा खरीदे गये पेंटहाउस पर सवाल नहीं उठाया जा सकता. उन्होंने कोर्ट को बताया है कि वह भी अन्य घर खरीदारों के समान है , जिनसे आम्रपाली ग्रुप ने 100 करोड़ रुपये से अधिक ठग लिये हैं.

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