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बोकारो MLA का वीडियो वायरल होने के बाद विवादों में रहने वाले पूर्व DGP डीके पांडे को टिकट के लिए लॉबिंग

Ranchi/Bokaro: झारखंड में विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी की तरफ से 52 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी गयी है. लेकिन इस लिस्ट में बोकारो का नाम शामिल नहीं है. वैसे शनिवार की रात जिस दिन बीजेपी की संसदीय बोर्ड की बैठक दिल्ली में चल रही थी, उस वक्त तक बोकारो विधायक बिरंची नारायण का टिकट फाइनल माना जा रहा था. कोई शक नहीं था कि उनका टिकट कट जाएगा. लेकिन उसी रात एक वीडियो वायरल हुआ.

वीडियो विधायक बिरंची नारायण का था. वीडियो वायरल होने के बाद रविवार को बीजेपी के उम्मीदवारों की लिस्ट से उनका नाम गायब था. बोकारो से किसी का नाम लिस्ट में नहीं था. कईयों का कहना है कि वीडियो वायरल होने की वजह से उनका टिकट होल्ड पर रख दिया गया है. वहीं विधायक की तरफ से कहा जा रहा है कि वीडियो फेक है, और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है.

वहीं दूसरी तरफ उन्हीं की पार्टी के ऐसे सदस्य जो चुनावी बैतरनी में नहाने को व्याकुल हैं, वो बोकारो के टिकट के लिए लॉबिंग शुरू कर चुके हैं. बताया जा रहा है कि झारखंड के पूर्व डीजीपी डीके पांडे जो हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए हैं. वो टिकट के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं.

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हमेशा विवादों में रहे हैं पूर्व डीजीपी डीके पांडे 

पूर्व डीजीपी का कार्यकाल हमेशा विवादों में रहा है. उनपर अपने कार्यकाल के दौरान गंभीर आरोप लगे हैं. अभी भी मामले की जांच चल रही है. जब वो सीआरपीएफ के डीजी थे, तो उनपर भोले-भाले पांच सौ से ज्यादा आदिवासियों को फर्जी नक्सली बनाकर सरेंडर करने का आरोप लगा. मामला अभी कोर्ट में है.

वहीं झारखंड के डीजीपी रहते हुए बकोरिया एनकाउंटर की जांच को धीमा करने का आरोप लगा. नौकरी में बने रहने के दौरान ही उन्होंने रांची के चामा मौजा में आदिवासी जमीन अपनी पत्नी के नाम पर खरीदी. जमीन पर आलीशान मकान बनाने का काम हो रहा है. मीडिया में बात आने के बाद जिला प्रशासन की तरफ से जांच के लिए टीम बनायी गयी थी.

ऐसे आरोप किसी भी ब्यूरोक्रेट के लिए एक गंभीर आरोप हैं. लेकिन बीजेपी को इन बातों से कोई फर्क नहीं पड़ा. उन्हें 23 अक्टूबर को सीएम की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल करा दिया गया. अब बोकारो के मौजूदा विधायक बिरंची का टिकट होल्ड पर जाता देख वो लॉबिंग कर रहे हैं कि किसी तरह बोकारो से उन्हें बीजेपी से लड़ने का मौका मिल जाए.

बोकारो बीजेपी पार्टी के लिए एक सुरक्षित सीट माना जाता रहा है. इसलिए भी डीके पांडे सीट के लिए लॉबिंग कर रहे हैं. देखने वाली बात होगी कि बदनामी की वजह से एक सीटिंग एमएलए का टिकट काटकर क्या पार्टी विवादों में रहने वाले एक नौकरशाह पर भरोसा जताती है.

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