
Ranchi: झारखंड में विधानसभा चुनाव से पहले ऐसे-ऐसे वाक्ये देखने को मिल रहे हैं, जिसे आनेवाले दिनों में लोग काफी शिद्दत से याद करेंगे.
81 विधानसभा सीटवाले झारखंड में बीजेपी ने 52 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है. पार्टी ने कोशिश की है कि पहले और दूसरे चरण के उम्मीदवारों के नाम की घोषणा हो जाये.
पलामू प्रमंडल में चुनाव पहले चरण में होना है. बीजेपी ने वहां से जिसे टिकट दिया है, उनका नाम भानू प्रताप शाही है. एक महीना पहले ही उन्होंने अपनी पार्टी का विलय बीजेपी में किया है.
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भानू प्रताप शाही एक चर्चित नाम रहे हैं. मधु कोड़ा के शासन काल में स्वास्थ्य मंत्री थे. उनके स्वास्थ्य मंत्री रहते विभाग के सचिव प्रदीप कुमार थे.
भानू प्रताप जब स्वास्थ्य मंत्री थे उस वक्त उनपर 130 करोड़ के दवा घोटाला का आरोप लगा था. मामले में ईडी और सीबीआइ ने आरोप पत्र दायर कर दिया है.
केस ट्रायल पर है. बीजेपी झारखंड के बड़े नेता अपने भाषणों में हमेशा मधु कोड़ा के शासनकाल को भ्रष्टचार से लिप्त करार देते हैं. लेकिन उसी भ्रष्टाचार के आरोपी भानू प्रताप शाही को पार्टी ने टिकट देने में कोई गुरेज नहीं किया.
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भ्रष्टाचार उजागर करनेवाले का टिकट होल्ड पर
झारखंड के बीजेपी सरकार के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय पश्चिमी जमशेदपुर से विधायक हैं. यहां चुनाव दूसरे चरण में होना है. पार्टी की तरफ से इस चरण में होने वाले करीब-करीब सभी विधानसभा सीटों के उम्मीदवारों की घोषणा कर दी गयी है.
लेकिन सरयू राय की सीट से कौन उम्मीदवार होगा. इसकी घोषणा नहीं की गयी है. पार्टी का कहना है कि अभी यह सीट होल्ड पर है. जबकि तीसरे चरण में जिन सीटों पर चुनाव होना है उसके उम्मीदवारों की भी घोषणा पार्टी ने कर कर दी है.
भानू प्रताप शाही का टिकट कन्फर्म करने के बाद ऐसे आरोप लग रहे हैं कि भ्रष्टाचार के आरोपी को बीजेपी ने टिकट दे दिया और उस भ्रष्टाचार को उजागर करनेवाले का टिकट होल्ड पर रख दिया गया है.
दरअसल सरयू राय ने मधु कोड़ा के शासनकाल में हुए भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए काफी हद तक प्रयास किया था. उन्होंने उस शासन काल पर मधु कोड़ा लूट राज किताब भी लिखी है.
मधु कोड़ा के शासन काल में 400 करोड़ के खनन घोटाला के साथ 130 करोड़ का दवा घोटाला भी हुआ था, जिसका आरोप भानू प्रताप शाही पर है.
इस आरोप में उस वक्त के स्वास्थ्य सचिव प्रदीप कुमार तक को जेल की हवा खानी पड़ी है. ऐसे में सरयू राय के टिकट को होल्ड पर रखना और भानू प्रताप शाही के टिकट को कन्फर्म करना ऐसे ही कई तरह के सवाल खड़ा कर रहा है.
मौजूदा सरकार की गड़बड़ियों को उजागर करना भारी तो नहीं पड़ा
बीजेपी और झारखंड की राजनीति को नजदीक से देखनेवाले लोगों का कहना है कि शायद सरयू राय का मौजूदा सरकार से पंगा लेना उनको कहीं भारी ना पड़ जाये.
सरयू राय बतौर कैबिनेट मंत्री सरकार से नाराज चल रहे थे. फरवरी के बाद से ही वो कैबिनेट की बैठक में शामिल नहीं होने लगे. इसके अलावा सीएम के विभाग के साथ-साथ दूसरे विभागों की गड़बड़ियों को सरयू राय मीडिया के जरिए सार्वजनिक करते थे.
तत्काल सीएस राजबाला वर्मा के कार्यकाल की कई गड़बड़ियों को सरयू राय ने उजागर किया था. एक तो मामला इतना बिगड़ा कि सरयू राय को शांत करने के लिए केंद्र से पहल करनी पड़ी थी. हालांकि अभी यह तय नहीं है कि पार्टी सरयू राय को टिकट देगी या नहीं. वैसे अपने उम्मीदवारों की लिस्ट में से पार्टी ने 10 मौजूदा विधायकों का नाम काट दिया है.
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