
Ranchi: कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित सीसीएल दरभंगा हाउस के मुख्य बिल्डिंग में सोमवार को आग लग गई. जिससे कुछ देर के लिए वहां अफरा-तफरी का माहौल हो गया. सीसीएल कार्यालय में काम कर रहे कर्मचारी अपने-अपने दफ्तर से बाहर आ गए. आग लगने की सूचना मिलने पर मौके पर की दमकल की गाड़ियां पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका.
शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी आग
जानकारी के मुताबिक, आग सीसीएल दरभंगा हाउस के मुख्य बिल्डिंग के सतर्कता विभाग के ऊपरी तल्ले पर लगी थी. आग लगने के पीछे वजह शॉट सर्किट बताया जा रहा है. हालांकि समय रहते दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग पर काबू पाया. आग पर जल्दी काबू नहीं पाया जाता तो काफी क्षति हो सकती थी और जान माल का नुकसान भी हो सकता था.
इसे भी पढ़ें – इंडस्ट्रीयल फीडर की बजाय घरेलू फीडर से जगदंबा इंडस्ट्रीज, कदमा को मिल रही बिजली
70 फीसदी बहुमंजिली इमारतों में फायर फाइटिंग की सुविधाएं नहीं
राजधानी के 70 फीसदी बहुमंजिली इमारतों में फायर फाइटिंग की बेहतर सुविधाएं नहीं हैं. नगर विकास विभाग के बिल्डिंग बाईलॉज में यह स्पष्ट है कि जिस भवन की ऊंचाई 15 मीटर या उससे ज्यादा है. या इसके अलावा जिस बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर की लंबाई, चौड़ाई 500 वर्ग मीटर से ज्यादा है तो वहां फायर फाइटिंग की बेहतर और वैकल्पिक सुविधाएं देना जरूरी है.
लेकिन बिल्डिंग बाइलॉज के इस नियम का राजधानी में अनुपालन नहीं हो रहा है. अपर बाजार की संकरी गलियां, दिनबंधू लेन, वार्ड नंबर 20 का इलाका, रातू रोड का कृष्णा नगर कालोनी, हिनू, हटिया, तुपुदाना और आसपास के क्षेत्र में धड़ल्ले से बहुमंजिली इमारतों का निर्माण हो रहा है. इनमें से ज्यादातर जगहों पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी आसानी से आ-जा नहीं सकती हैं.
क्या कहते हैं नगर निगम के आंकड़े
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी में 150 से ज्यादा बड़े भवनों में अगलगी की घटना से बचने के लिए वैकल्पिक सीढ़ी की व्यवस्था नहीं है. इतना ही नहीं इनमें फायर फाइटिंग से बचने के लिए अलार्म और पानी के पाइपलाइन भी नहीं हैं. साथ ही इन भवनों के बिल्डरों ने अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं लिया है.
इसे भी पढ़ें – बालू लूट की खुली छूटः पुलिस, प्रशासन और दबंगों ने मिलकर कर ली 600 करोड़ की अवैध कमायी-2
हाल के महीने में हुई आग लगने की घटनाएं
21 फरवरी 2019 : रांची के बूटी मोड़ स्थित एसबीआइ बैंक के ब्रांच में आग लगी थी. आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बतायी गयी.
22 मार्च 2019 : ओरमांझी थाना के पास बीएसएनएल टावर कैंपस में देर रात करीब 1.15 बजे भीषण आग लगी थी. कैंपस में रखे ऑप्टिकल फाइबर केबल और कवर पाइपों के बंडल में आग लग गयी. घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया था.
28 मार्च 2019 : चान्हो थाना क्षेत्र के चटवल गांव में भीषण आग लग गयी. इस भीषण आग में चटवल गांव के रहने वाले मोहम्मद जसीम का घर जल गया. आग लगने के कारण करीब आठ लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जल गयी.
1 अप्रैल 2019 : कांटाटोली स्थित यूएनआइ हाइट्स नाम की एक कमर्शियल बिल्डिंग के चौथे तल्ले पर आग लग गयी. जिसमें लाखों की संपत्ति समेत कई महत्वपूर्ण कागजात जलकर खाक हो गये.
9 मई 2019 : हिनू स्थित आनंद प्लाजा में आग लगी. जिसके कारण थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था. शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी थी.
25 मई 2019 : जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के सेक्टर टू मार्केट स्थित श्री कृष्ण फ्लेवस रेस्टोरेंट में शनिवार की अहले आग लग गई. आग लग जाने से लाखों का नुकसान हुआ है.
इसे भी पढ़ें – पलामू: हाइटेंशन तार की चपेट में आते ही ओवरहाइट बस में लगी आग, बड़ा हादसा टला




