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Film Review : अधूरी रह गयी आखिरी फिल्म शर्माजी नमकीन में अभिनय की छाप छोड़े गये ऋषि कपूर

Naveen Sharma

Ranchi : बॉलीवुड के मशहूर कपूर खानदान के राज कपूर के बेटे ऋषि कपूर अपने दौर में चॉकलेटी हीरो के रूप में काफी लोकप्रिय रहे थे. खासकर 70 और 80 के दशक के युवाओं को उनकी फिल्में काफी पसंद आती थीं. वे अपनी लवर बॉय छवि के कारण युवतियों में बहुत पसंद किये जाते थे. ऋषि कपूर की डेब्यू फिल्म बॉबी जबरदस्त हिट हुई थी. इस फिल्म से बनी लवर बॉय की इमेज से वे लंबे समय तक बंधे रहे थे.

67 वर्षीय ऋषि अपनी अभिनय की दूसरी पारी में काफी मैच्योर हो गये थे. उन्होंने अपनी लवर बॉय की इमेज को तोड़ते हुए कई फिल्मों दमदार भूमिकाएं निभायी थीं. खासकर रीतिक रोशन स्टारर अग्निपथ में विलेन के रूप में वो अपने फैंस को चौंकाते हैं. इसके साथ ही मुल्क में वो अपनी एक्टिंग प्रतिभा का नायाब नमूना पेश करते हैं.

30 अप्रैल 2020 को कैंसर की वजह से ऋषि कपूर की मौत हो गयी थी. इसकी वजह से उनकी फिल्म शर्माजी नमकीन अधूरी रह गयी थी.

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ऋषि कपूर का शेष रोल परेश रावल ने किया पूरा

मशहूर एक्टर परेश रावल ने फिल्म में शर्माजी की भूमिका निभानेवाले ऋषि कपूर का बाकि बचा रोल पूरा किया. यह एक तरह से अनूठा प्रयोग है जब फिल्म में एक करेक्टर की एक ही आयुवर्ग की भूमिका दो अलग-अलग अभिनेताओं ने निभायी है.

फिल्म में शर्माजी बने ऋषि कपूर एक निजी कंपनी से रिटायर हुए शर्माजी की भूमिका में हैं. रिटायरमेंट के बाद का समय कैसे कटे इसी उहापोह में शर्माजी रहते हैं. अपने सरदार मित्र की सलाह पर वे किटी पार्टी करनेवाले महिलाओं के ग्रुप के लिए खाना बनाने का काम परिवार से छुपकर करते हैं.

शर्माजी की पत्नी की असामयिक मौत के बाद दो बेटों वाले परिवार में खाना शर्माजी ही बनाते थे और उन्हें खाना बनाने का काफी शौक था. इस रोल में ऋषि कपूर सहज और स्वभाविक नजर आते हैं वे काफी जंचे हैं. वैसे भी कपूर परिवार खाने के शौकीन लोगों में जाना जाता है. ऋषि कपूर भी अपने परिवार के इस गुण से अछूते नहीं थे. छोटे रोल में ही सही जूही चावल को देखना सुखद लगता है.

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महिलाओं के ग्रुप के लिए खाना बनाने के काम की पोल उनके एक पड़ोसी का लड़का शर्माजी के घर में उनके बर्थडे में आयी नयी टीवी पर दिखाकर खोल देता है. इससे शर्माजी का बड़ा बेटा (सुहेल नैय्यर) खुद को काफी अपमानित महसूस करता है. वो अपने पिता के इस तरह का छोटा काम करने से खुश नहीं था.
फिल्म का अंत सुखद है जब शर्माजी जैसा निम्न मध्यवर्ग का रिटायर व्यक्ति अपने परिचय के बल पर अपने बेटे को

पुलिस हिरासत से छुड़ा लेता है तब उनके बेटों को अपने पिता का महत्व पता चलता है.
फिल्म बड़ी साफ-सुथरी और नेचुरल है. इसमें किसी तरह जबरदस्ती मसाले (सेक्स, हिंसा, गाने आदि) डालने की कोशिश नहीं हुई है. किसी एक्टर की अंतिम फिल्म पूरी हो जाये ये बहुत ही अच्छी बात है लेकिन इसके बावजूद एक ही रोल में दो अदाकारों खासकर जो एकदम अलग लुक के हो उन्हें देखना अटपटा सा लगता है. खासकर तब जब दोनों के रोल हर दूसरे –तीसरे मिनट में बार-बार चेंज हो रहे हों.

इस एक बात को छोड़ दे तो फिल्म अच्छी बनी है. अच्छी फिल्म देखनेवालों को फिल्म देखकर ऋषि कपूर को अंतिम श्रद्धांजलि देनी चाहिए.

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ऐसे पूरी हुई अधूरी फिल्म शर्माजी नमकीन

ये फिल्म करीब दो वर्षों से अटकी पड़ी थी. ऋषि का परिवार खासकर उनका बेटा रणबीर कपूर और पत्नी नीतू कपूर चाहते थे कि ये फिल्म पूरी हो. वहीं फिल्म मेकर्स भी चाहते थे कि फिल्म को पूरा किया जाये.

रणबीर ने बताई परेश रावल को लेने की वजह

रणबीर कपूर ने शर्माजी नमकीन फिल्म के प्रारंभ में बताया कि किस तरह से फिल्म को पूरा किया गया. दरअसल, मेकर्स ने रणबीर कपूर से प्रोस्थेटिक्स के बारे में बातचीत की थी. उनकी प्लानिंग रही कि वह रणबीर कपूर को प्रोस्थेटिक्स और सीजीआई की मदद से ऋषि कपूर का लुक दे सकते हैं और फिल्म की शूटिंग पूरी कर सकते हैं, लेकिन रणबीर कपूर इस रोल में फिट नहीं बैठ पाए.

रणबीर कपूर ने कहा, “मुझे याद है, मैं शूटिंग शेड्यूल से वापस घर लौटा था, हम साथ बैठे और इस बारे में बात करने लगे थे कि आखिर फिल्म को आगे कैसे बढ़ाया जाए.

मैं मेकर्स को खुद की कुछ फोटोज भेजी थीं और उन्होंने आगे विदेश में किसी सीजी को भेजी थीं. ये कुछ स्पेशल इफेक्ट वाले लोग थे.

मेकर्स ने उनसे कहा कि देखो अगर आप कुछ कर सकते हो तो. इन्हें इनके पिता ऋषि कपूर जैसा दिखाना चाहते हैं. ऐसे में कुछ सीजी या प्रोस्थेटिक्स की मदद से ऐसा हो सकता है लेकिन कुछ भी काम नहीं कर रहा था, जिसके बाद मेकर्स को शानदार आइडिया आया कि ऋषि कपूर का रोल परेश रावल जी कर सकते हैं.”

रणबीर ने आगे कहा कि वह एक बेहतरीन और शानदार एक्टर हैं. मेरे दिल में परेश सर के लिए बहुत प्यार और इज्जत है. वह फिल्म का हिस्सा बने. उन्होंने एक एक्टर और मेरे पिता को ट्रीब्यूट दिया और फिल्म में उन्होंने अपनी जान डाल दी. बेहद ही खूबसूरती से उन्होंने यह रोल निभाया जो मैं नहीं कर पाता.

इस फिल्म के लिए सभी चीजें अपने आप अच्छी होती चली गईं. बता दें कि ‘शर्माजी नमकीन’ अमेजन प्राइम पर प्रसारित हो रही है. फिल्म में जूही चावला भी नजर आ रही हैं. इसका निर्देशन हितेश भाटिया ने किया है.

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ऋषि कपूर की सुपर हिट फिल्में

ऋषि कपूर ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में एक लंबी और सफल पारी खेली है. उनकी डेब्यू फिल्म बॉबी 1973 में रिलीज हुई थी. ऋषि कि हिट फिल्मों में कर्ज, अमर अकबर एंथनी, हम किसी से कम नहीं, सरगम, नसीब, प्रेम रोग, कुली, नगीना, दीवाना, बोल राधा बोल, दामिनी, चांदनी, मुल्क आदि शामिल हैं.

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