
Latehar: महुआडांड़ प्रखंड वासियों के लिए वर्ष 2019 कई मायनों में यादगार रहा. प्रखंड के लोगों को कई यादगार सौगातें मिलीं.
चैनपुर ग्राम में पावर ग्रिड बनना और महुआडांड़ में पावर सब स्टेशन चालू होना एक बड़ी उपलब्धि रही. इस कारण प्रखंड सहित आसपास के ग्रामीणों को बेहतर बिजली सेवा भी मिल पा रही है.
इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण सड़कों का भी निर्माण पूरा हुआ, जिसमे महुआडांड़ से लोध फॉल तक व महुआडांड़ से चांपा (छत्तीसगढ़) सिमाना तक का सड़क महत्वपूर्ण था.
साथ ही शहरी जलापूर्ति योजना अंतर्गत लोध फॉल से महुआडांड़ जल आपूर्ति करने की योजना शुरू होना भी महत्वपूर्ण था. कूड़ो मोड़ से लुरगुमी होते हुए बांशकर्चा तक रोड निर्माण स्वीकृति आदि ऐसी योजनाएं थीं जिससे लोगो में विकास की उम्मीद दिखी.
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कई चिर-प्रतीक्षित मांगें रह गयीं अधूरी
कई ऐसी समस्याएं मुंह बाए रह गयीं, जिसके समाधान का इंतजार लोग वर्षों से करते रहे हैं. वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव व विधानसभा चुनाव के चलते एक बार फिर इसको लेकर लोगों को दिलासे जरूर मिले, लेकिन बात जहां की तहां अटकी रह गयी.
आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की मांग हमेशा से प्रखंडवासियो ने की है, साथ ही महिला डॉक्टर, एम्बुलेंस व अनुमंडल स्तरीय अस्पताल निर्माण की मांग हमेशा लोगों ने की है, पर हुआ कुछ भी नहीं.
प्रखंड में पोस्टमॉर्टम हाउस की मांग भी पूरी नहीं हुई. साथ ही प्रखंड में आधे से ज्यादा गांव अब भी बिजलीविहीन हैं, जहां ग्रामीण बिजली की मांग कई वर्षों से करते आ रहे हैं.
महुआडांड़ ओरसा घाट पर सड़क निर्माण की मांग दशकों से होती रही है और इस वर्ष भी इस मामले में लोगों के हिस्से निराशा ही रही.
डालटनगंज-महुआडांड़ मुख्य सड़क का चौड़ीकरण, महुआडांड़ से चैनपुर प्रखंड तक सड़क चौड़ीकरण, परेवा व बूढ़ा नदी पर पुल निर्माण, बोहटा से लुरगुमि तक सड़क मरम्मत तथा तुन्दटोली पहाड़ कापू रास्ता में पुल निर्माण जैसी समस्याओं का समाधान नहीं निकल पाया.
बहरहाल इन तमाम स्थितियों के बीच लोग नये साल के स्वागत की तैयारी में जुट चुके हैं. नयी तमन्ना, नया उल्लास व नयी उम्मीद की डोर लिए लोग बस इस साल के गुजरने का इंतजार कर रहे हैं.
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