
Ranchi : रघुवर सरकार की पहल पर हजारीबाग के बड़कागांव में NTPC की तरफ से कोल माइनिंग का काम तेजी से शुरू किया गया है. NTPC ने त्रिवेणी सैनिक कंपनी को काम सौंपा है.
कोयला खनन से चुरचू इलाके के किसान परेशान हैं. कोयला परिवहन व खनन से निकले मलबे को लहलहाती धान की फसल में डाल दिया जा रहा है. फसल की बरबादी पर किसानों की गुहार को जिला प्रशासन भी अनसुना कर रहा है.
हालांकि एनटीपीसी को एक दशक पहले ही ये काम दिया गया था. लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण परियोजना शुरू नहीं हो सकी थी.
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चुरचू के ग्रामीणों ने लिखा उपायुक्त को पत्र
उपायुक्त हजारीबाग को लिखे पत्र में चुरचू के ग्रामीणों ने कहा है कि चुरचू के भू-स्वामियों को एनटीपीसी एवं त्रिवेणी सैनिक कंपनी के पदाधिकारियों द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है. साथ ही मुआवजा देने में धोखाधड़ी भी की जा रही है.
ग्रामीणों ने अपने पत्र में जिक्र किया है कि जमीन मालिकों, एनटीपीसी पदाधिकारियों, त्रिवेणी सैनिक के पदाधिकारियों, एसपी हजारीबाग तथा अंचलाधिकारी की उपस्थिति में की गयी बैठक में हुए समझौता का पालन इलाके में नही किया जा रहा है. यह बैठक हाल ही में 18 मई 2019 को हुई थी.
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बिना अधिग्रहित जमीन में हो रही डंपिंग
ग्रामीण कैलाश कुमार कहते हैं कि चुरचू इलाके में कोयला का खनन किया जा रहा है. खनन साइड का वेस्टेज किसानों की जमीन जमीन पर डंप कर दी जा रही है जिसका अधिग्रहण नही हुआ है.
रोजगार और फसलों की क्षतिपूर्ति के एवज में दी थी जमीन
जमीन मालिकों द्वारा त्रिवेणी सैनिक से रोजगार के साथ-साथ इलाके में हो रहे फसलो की बरबादी की क्षतिपूर्ति की शर्त पर किसानों ने जमीन दी थी जिसका पालन नहीं हो रहा है
वर्तमान में इलाके में धान की फसल खेतों में लहलहा रही है. साथ ही इलाके के कुछ किसान मुआवजे से संतुष्ट नहीं और इसका मामला रांची कोर्ट में चल रहा है. वैसे जमीन का भी उपयोग कंपनी कर रही है.
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