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29 दिसंबर को 10 लाख किसानों को तोहफा देगा कृषि विभाग, खाते में आयेंगे 3500 रुपये

Ranchi : 29 दिसंबर को राज्य के 10 लाख किसानों को कृषि विभाग तोहफा देगा. उनके खाते में 3500-3500 रुपये भेजे जायेंगे. कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल ने हेसाग स्थित पशुपालन भवन में राज्यस्तरीय रबी कर्मशाला 2022 में रांची प्रमंडल के सभी पदाधिकारियों के साथ इस पर चर्चा की. कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिशा निर्देश एवं उनकी भावनाओं के अनुरूप राज्य की जनता के हित में कृषि के क्षेत्र में विभाग ने संवेदनशीलता के साथ काम किया है. कोरोना महामारी के दौरान चुनौतियों से गुजरे हैं और उसके बाद सुखाड़ की त्रासदी को भी किसानों ने झेला है. अब कोविड के लौटने की आहट फिर से सुनाई दे रही है, इसके बाद भी जो वादा अन्नदाता के साथ हमने किया है, उसे पूरा करने का लक्ष्य है. श्री बादल ने कहा कि विषम परिस्थिति में हमने कई फैसले लिये. हर साल कृषि विभाग पर राज्य की जनता नजर रखती है इसलिए हमने पूरी गंभीरता के साथ किसान हित में निर्णय लिए हैं. स्मार्ट विलेज की कल्पना को साकार करने के लिए संबंधित सभी विभाग के साथ को-आर्डिनेशन बनाने की जरूरत है. उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि किसान मित्र से सहयोग लेकर उन किसानों को सहयोग करें जो प्रज्ञा केंद्र नहीं पहुंच पा रहे हैं. उन्होंने वंचित किसानों को योजनाओं से जोड़ने की बात कही. कहा कि ऐसे किसानों की सूची तैयार करें, ताकि योजनाओं का लाभ उन तक पहुंच सके. सरकार के 3 साल में हम राज्य के 30 लाख किसान परिवार तक पहुंच रहे हैं, यह हमारी एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन हमारा लक्ष्य राज्य के 5800000 किसानों तक पहुंचना है. राज्य की जीडीपी में 20% तक राज्य के किसानों का योगदान सुनिश्चित करना है.

विभाग की उपलब्धि

श्री बादल ने कहा कि सहकारिता के तहत पांच लाख से ज्यादा नए सदस्य जुड़े हैं. सहकारिता में जो नए सदस्य बने हैं, वह कितने सक्रिय हैं, इसकी भी मॉनिटरिंग की जानी चाहिए. बताया कि 461 करोड़ रुपए मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना के तहत सभी जिलों को आवंटित कर दिए गए हैं. विभाग किसान को अपना विजिटिंग कार्ड देने जा रहा है, ताकि उसे यकीन दिलाया जा सके कि राज्य सरकार उसके साथ है. 129 नए पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनसे राज्य सरकार को काफी उम्मीदें हैं और वरीय पदाधिकारी अपना अनुभव साझा करें, ताकि वह कृषि के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकें. विभाग में कमिटमेंट ऊपर से लेकर नीचे तक दिखाई देनी चाहिए, ताकि हम बिरसा किसान के सपनों को पूरा करने में अपनी भूमिका ईमानदारी पूर्वक निभा सकें. मौके पर कृषि सचिव अबू बकर, कृषि निदेशक निशा उरांव, पशुपालन निदेशक शशि प्रकाश झा समेत अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे.

कृषि कार्यशाला का आयोजन उपयोगी

कृषि विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी ने कहा कि कृषि सेक्टर को कोई भी नजरअंदाज नहीं कर सकता है. देश की जीडीपी में 20 प्रतिशत योगदान कृषि का है. विभाग का लक्ष्य है खाद्य आजीविका और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ कर राज्य के किसानों को स्वावलंबी बनाना. किसानों की कर्ज माफी सफलतापूर्वक की गई है. साथ ही बीज वितरण में पूरी तरह से पारदर्शिता बढ़ती जा रही है और मुख्यमंत्री पशुधन योजना स्मार्ट विलेज और कृषक पाठशाला जैसी योजनाओं को किसानों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने पदाधिकारियों को कहा कि किसानों को सहयोग दें ताकि हर किसान लाखों रुपए कमाने में सक्षम हो.किसानों को तकनीकी मदद देने के लिए जिला और प्रखंड स्तर पर कार्यशाला का आयोजन करें.

पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ बीज वितरण

कृषि निदेशक निशा उरांव ने कहा कि इस बार चुनौती काफी यूनिक थी. 226 प्रखंड सुखाड़ की चपेट में थे, जिन्हें सुखाड़ क्षेत्र घोषित किया गया. इसके लिए केंद्र सरकार से हमने 9000 करोड़ रुपए की मांग की है. इस बार हमने प्रत्येक प्रखंड के 10 गांव का स्थल निरीक्षण किया, साथ ही 5 गांव की जियो टैगिंग भी सुनिश्चित की गई. उसके बाद इन क्षेत्रों को सुखाड़ घोषित करने की अनुशंसा केंद्र को भेजी गई. बताया कि पिछले साल खरीफ की पैदावार 53 लाख मीट्रिक टन थी और कुल 28 लाख हेक्टेयर भूमि पर खरीफ की फसल हुई थी. राज्य सरकार बीज वितरण में 90 फ़ीसदी और 100 फ़ीसदी अनुदान दे रही है, जबकि पिछले साल तक यह अनुदान 50% ही था. इस बार 80 हजार क्विंटल बीज वितरण किया गया है जो कि एक रिकॉर्ड है. बीज वितरण के काम में एफपीओ को लगाया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं. कई नए एफपीओ को लाइसेंस भी दिया गया है. निशा उरांव ने कहा कि इस साल ब्लॉकचेन की शुरुआत की गई है. इससे पारदर्शिता और जवाबदेह तरीके से बीज वितरण का पूर्ण विवरण दिखाई दे रहा है इससे देश स्तर पर इस  की सराहना की जा रही है

किसान हित प्राथमिकता

निबंधक सहकारी समिति मृत्युंजय बर्णवाल ने बताया कि खरीफ के बाद सुखाड़ हुआ है. अब बीज का वितरण करके आगामी फसल की तैयारी करनी है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखाड़ योजना के तहत 461 करोड़ रुपए का आवंटन हो चुका है और 29 दिसंबर तक लगभग 10 लाख किसानों के खाते में 3500 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे. इसके लिए 5.75 लाख किसान परिवार का डाटा उपायुक्त स्तर से अप्रूव हो चुका है.

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