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डॉ अजय ने मानी होती मेरी बात, तो गोड्डा हम जीतते: इरफान अंसारी

सोशल मीडिया ट्विटर पर साझा की अपनी पीड़ा

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Ranchi: लोकसभा चुनाव के पहले गोड्डा सीट को लेकर जामताड़ा विधायक जिस तरह के बागवती तेवर अपनाये हुए थे, वही तेवर चुनाव बाद भी अपनाये हुए हैं. एक बार फिर उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वे उनकी बात को मान लेते, तो पार्टी गोड्डा सीट जीतती. उन्होंने महागठबंधन में शामिल घटक दल जेवीएम सुप्रीमो बाबूलाल और नेता प्रदीप यादव पर निशाना साधा. सोशल मीडिया ट्विटर पर किये एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि जेवीएम सुप्रीमो और चुनाव लड़ रहे प्रदीप यादव ने कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व को गुमराह किया है. उन्होंने अडानी की लड़ाई को आंदोलन का नाम देकर कांग्रेस की मजबूत सीट ले ली. पार्टी प्रदेश नेतृत्व ने यह नहीं सोचा कि गोड्डा सीट में 18 प्रतिशत आबादीवाले अल्पसंख्यक वोटरों को नजरअंदाज करने का असर पार्टी कार्यकर्ताओं पर कितना पड़ेगा. मालूम हो कि गोड्डा सीट पर बीजेपी के निशिकांत दुबे ने महागठबंधन उम्मीदवार और जेवीएम नेता प्रदीप यादव को करीब 1.84 लाख वोट से हराया है.

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राहुल के मंच से भी उठाया था सवाल

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब विधायक इरफान ने गोड्डा सीट को लेकर प्रदेश नेतृत्व पर सवाल खड़ा किया है. पहले भी कई बार सार्वजनिक रूप से इस सीट पर फुरकान अंसारी के लिए दावा ठोंका था. उन्होंने मंच पर कहा था कि अल्पसंख्यक केवल मतदान करने के लिए ही नहीं होते हैं, बल्कि लोकतंत्र में वे और भी भागीदारी निभा सकते हैं.

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अडानी आंदोलन के बारे में दी गलत जानकारी

न्यूज विंग से बातचीत में जामताड़ा विधायक ने कहा कि बाबूलाल मरांडी और प्रदीप यादव ने कांग्रेस आलाकमान को गुमराह किया है. उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को अडानी आंदोलन के बारे में गलत जानकारी दी. इस लड़ाई को उन्होंने आंदोलन बता कर कहा कि इससे गोड़्डा की जनता उन्हें यानी महागठबंधन को काफी वोट देगी. लेकिन वे बताना भूल गये कि गोड्डा की 18 प्रतिशत अल्पसंख्यक आबादी का कुशल प्रतिनिधित्व करनेवाले नेता और वोटरों को चुनाव लड़ने से वंचित कर दिया. इसका परिणाम यह हुआ कि इन अल्पसंख्यकों ने किसी के पक्ष में मतदान नहीं किया. इसी का असर हुआ कि महागठबंधन को यह करारी शिकस्त झेलनी पड़ी.

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प्रदेश नेतृत्व पर फिर उठाया सवाल

उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष और कुछ नेताओं द्वारा जेवीएम सुप्रीमो को अधिक तवज्जो देना भी पार्टी के लिए हानिकारक साबित हुआ है. उन्होंने ट्वीट में कहा कि मोदी लहर में भी उन्होंने महागठबंधन धर्म निभाया है. इसी का नतीजा है कि दुमका से जेएमएम उम्मीदवार शिबू सोरेन के पक्ष में उन्होंने जामताड़ा से गुरुजी को 15,000 की लीड दिलायी है. उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार उनकी बात मान लेते, तो पार्टी गोड्डा सीट भी जीत जाती.

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