NEWSWING
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

विकास योजनाओं में डीपीआर का जबरदस्त खेल, रवींद्र भवन का प्रोजेक्ट कॉस्ट भी बढ़ा

251

Ranchi : प्रदेश में विकास योजनाओं का डीपीआर-डीपीआर बनाने का जबदस्त खेल जारी है. मल्टीनेशनल कंपनियां आनन-फानन में करोड़ों रुपए का कागजी प्लान बनाती है और अफसर उस पर काम भी शुरू करा देते हैं. बाद में डीपीआर में गड़बड़ी उजागर होती है तो डीपीआर फिर संशोधित किया जाता है. यह सिर्फ प्रोजेक्ट कॉस्ट बढ़ाने के लिये होता है. राजधानी के टाउन हॉल में बन रहे रवींद्र भवन का भी फिर से संशोधित डीपीआर बना.

इसे भी पढ़ें- रवींद्र भवन और कन्वेंशन सेंटर को पर्यावरण स्वीकृति ही नहीं, शुरू हो गया काम

इसे भी पढ़ें- सरकार के दबाव में न झुकें मीडिया मालिक, एडिटर्स गिल्ड ने की अपील

कैसे हुआ डीपीआर का खेल

अफसरों ने एक साल पहले दो अप्रैल 2017 को भारत के तात्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को बुलाकर रवींद्र भवन का शिलान्यास कराया था. राम कृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन को बिल्डिंग बनाने की जिम्मेवारी दी गई. दो साल में बिल्डिंग बनाकर देना था, लेकिन एक साल में एक पिलर तक नहीं बना. फिर डीपीआर संशोधित किया गया. हुआ यूं कि रवींद्र भवन में सिंगल बेसमेंट बनाने का प्रावधान किया गया था. इसमें करीब 550 चार पहिया और दो पहिया वाहन की पार्किंग क्षमता दी गई थी. लेकिन नगर विकास विभाग के अफसरों को इसकी जानकारी शिलान्यास के 10 माह बाद लगी. विभाग के सचिव के निर्देश पर फिर डीपीआर संशोधित किया गया. संशोधित डीपीआर के अनुसार अब डबल बेसमेंट का पार्किंग होगा. इसमें 450 चार पहिया वाहन और 600 दो पहिया वाहन लगाने की क्षमता होगी. डीपीआर रिवाइज्ड होने के बाद प्रोजेक्ट कॉस्ट भी करीब 15 करोड़ बढ़ गया.

इसे भी पढ़ें- भाजपा के 12 सांसद स्कूल मर्जर के खिलाफ, सीएम को लिखा पत्र

डीपीआर की गड़बड़ी से हुई देरी, अफसर भी जिम्मेवार

palamu_12

रवींद्र भवन का डीपीआर आईके वल्ड वाइड कंसल्टेंट ने तैयार किया था. इसमें आठ से अधिक कांफ्रेंस हॉल, कैफेटेरिया, मल्टी लेवल हॉल, कल्चलर हॉल भी बनाना था. इसके बावजूद कंसल्टेंट ने रवींद्र भवन में बिल्डिंग में सिंगल बेसमेंट पार्किंग बनाने का प्लान दिया. जहां मात्र 250 वाहनों की पार्किंग और 300 वाहनों की मैकेनिकल पार्किंग की व्यवस्था की गई. जुडको से लेकर नगर विकास विभाग के अफसरों ने डीपीआर को तकनीकी रूप से स्वीकृति भी दे दी. इसके बाद टेंडर कर शिलान्यास कराया गया. जब ठेकेदार ने बेसमेंट के लिए मिट्टी कटाव शुरू कर दिया. विभागीय सचिव ने निरीक्षण के दौरान पार्किंग की जानकारी ली तब गड़बड़ी सामने आई. इसके बाद उन्होंने डीपीआर में संशोधन कर डबल बेसमेंट में पार्किंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया.

इसे भी पढ़ें- हिंदपीढ़ी में होगा प्राइमरी हेल्थ सेंटर का निर्माण : रामचंद्र चंद्रवंशी

इसे भी पढ़ें- राज्यपाल बोलीं- सिर्फ विश्व आदिवासी दिवस के दिन समारोह आयोजित कर साल भर भूल जाने से विकास नहीं होगा

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

ayurvedcottage

Comments are closed.

%d bloggers like this: