न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें
bharat_electronics

रवींद्र भवन और कन्वेंशन सेंटर को पर्यावरण स्वीकृति ही नहीं, शुरू हो गया काम

545.12 करोड़ का है दोनों प्रोजेक्ट, इंवारयरमेंट प्रोटेक्शन एक्ट का हुआ है उल्लंघन

354

Ranchi : राजधानी में बनने वाले दो बड़े भवन कन्वेंशन सेंटर और रवींद्र भवन को अब तक पर्यावरण स्वीकृति ही नहीं मिली है. बिना पर्यावरण स्वीकृति के ही इन दोनों भवनों का काम शुरू कर दिया गया. रवींद्र भवन का प्रोजेक्ट 155.12 करोड़ रुपये का है. इसका शिलान्यास दो अप्रैल 2017 को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने किया था. इसमें 20 गेस्ट रूम, मल्टीपरपस हॉल, ऑडिटोरियम, जिम, म्यूजिक रुम सहित अन्य सुविधायें उपलब्ध करायी जानी है. इसमें बैठने की क्षमता 1500 लोगों की होगी. इसका करार 28 फरवरी 2017 को हुआ था, करार के मुताबिक इस प्रोजेक्ट को 24 महीने में पूरा करना है. वहीं दो मई 2017 को कन्वेंशन सेंटर का भूमि पूजन हुआ था.

eidbanner

इसे भी पढ़ें- राज्यपाल बोलीं- सिर्फ विश्व आदिवासी दिवस के दिन समारोह आयोजित कर साल भर भूल जाने से विकास नहीं होगा

391 करोड़ का प्रोजेक्ट है कन्वेंशन सेंटर

एचईसी क्षेत्र में विकसित होनेवाले रांची स्मार्ट सिटी (एरिया बेस्ड डेवेलपमेंट) क्षेत्र में इस कंवेंशन सेंटर का निर्माण होना है. इसकी जिम्मेदारी प्रतिष्ठित कंपनी एलएंडटी को दी गयी है. इस सेंटर के निर्माण में 391.5 करोड़ रुपए की राशि खर्च होगी. इस्में एक साथ 5000 लोग किसी भी कार्यक्रम में शिरकत कर सकते हैं. कुल बिल्डअप एरिया नौ लाख वर्ग फीट है. तीन बड़े ऑडिटोरियम, डबल बेसमेंट पार्किंग के साथ पूरा परिसर वातानुकूलित होगा. सिवरेज ट्रिटमेंट प्लांट, कई मल्टीपरपस हॉल होंगे. कॉफ्रेंस हॉल, एक्जीविशन स्पेस, बॉल रूम, फूड कोर्ट और विबरेज ऑउटलेट के अलावा कई अत्याधुनिक संसाधनों से लैस होगा. इस भवन में दो फ्लोर व अंडरग्राउंड बेसमेंट पार्किंग रहेगा, जिसमें लगभग 1040 कार एवं 641 दो पहिया वाहन को खड़ा करने की व्यवस्था होगी. कंवेंशन सेंटर में कार्यक्रम के लिये बेहतर लाईट एंड साउंड और अन्य व्यवस्था होगी.

इसे भी पढ़ें- हिंदपीढ़ी में होगा प्राइमरी हेल्थ सेंटर का निर्माण : रामचंद्र चंद्रवंशी

इंवायरमेंट प्रोटेक्शन एक्ट का हुआ उल्लंघन

20 हजार वर्गमीटर से अधिक के भवन निर्माण में पर्यावरण स्वीकृति अनिवार्य है. रवींद्र भवन, कन्वेंशन सेंटर और वेंडर मार्केट 20 हजार वर्गमीटर से अधिक के क्षेत्र में बन रहा है. ऐसी स्थिति में स्टेट इनवायरमेंट इंपैक्ट एसेसमेंट ऑथिरिटी(सिया) पर्यावरण स्वीकृति लेना अनिवार्य है. सूत्रों के अनुसार कुछ माह पहले पर्यावरण स्वीकृति का प्रस्ताव सिया को दिया गया है. यह इंवायरमेंट प्रोटेक्शन एक्ट के भी खिलाफ है. एक्ट के उल्लंघन पर पांच साल सजा का भी प्रावधान है.

इसे भी पढ़ें- भाजपा के 12 सांसद स्कूल मर्जर के खिलाफ, सीएम को लिखा पत्र

नियमों को ताक में रख कर बन रहा वेंडर मार्केट

राजधानी में बन रहा वेंडर मार्केट का निर्माण भी नियमों को ताक में रखकर हो रहा है. वेंडर मार्केट लगभग 28 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में बन रहा है. ऐसी स्थिति में पर्यावरण स्वीकृति अनिवार्य है। लेकिन अब तक पर्यावरण स्वीकृति इसे भी नहीं मिली है.

इसे भी पढ़ें- सरकार के दबाव में न झुकें मीडिया मालिक, एडिटर्स गिल्ड ने की अपील

क्या कहते हैं पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक

पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक एके मिश्र के अनुसार 20 हजार वर्गमीटर से अधिक के भवन निर्माण में पर्यावरण स्वीकृति अनिवार्य है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

dav_add
You might also like
addionm
%d bloggers like this: