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भाजपा के 12 सांसद स्कूल मर्जर के खिलाफ, सीएम को लिखा पत्र

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Pravin Kumar
Ranchi: भाजपा के सभी 12 सांसद झारखंड में स्कूलों के मर्जर के खिलाफ हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री रघुवर दास को पत्र लिखकर स्पष्ट रुप कहा है कि विलय की प्रक्रिया को तत्काल रोकें. उन्होने लिखा है कि स्कूल बंद होने से अशिक्षा बढ़ेगी, जो दुर्भाग्यपूर्ण है, इसलिए विलय प्रक्रिया पर तुंरत रोक लगाकर शिक्षा को सुदृढ़ करना चाहिए. बताते चलें कि राज्य में 6000 से अधिक प्राथमिक और मध्य विद्यालयों का विलय किया जाना है. लगभग दो से ढ़ाई हजार स्कूलों का विलय हो चुका है.

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सांसदों ने क्या लिखा है पत्र में

सांसदों ने आठ अगस्त को लिखे पत्र में कहा है कि

पिछले कुछ माह से छात्र संख्या के आधार पर प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों का निकटम स्कूल में विलय कर, स्कूलों की संख्या कम करने की प्रक्रिया की जा रही है. सभी जिलों में यह प्रक्रिया प्रारंभ है. इस कार्य से ग्रामीण क्षेत्र के आमजन में असंतोष है. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में सर्व शिक्षा अभियान के तहत हर गांव में प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय खोलकर बच्चों को साक्षर बनाने का अभियान चलाया गया था. खुले विद्यालय के अस्तित्व को समाप्त करने के कारण जनता में रोष है.

स्कूलों के लिये बने हुए हैं भवन

पत्र में कहा है कि

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स्कूलों के लिये बेहतर भवन बने हुए हैं. स्कूलों के बंद होने से भविष्य में भवन खंडहर में बदल जायेंगे या फिर अराजक तत्वों की गतिविधि के केंद्र बन जाएंगे. गांवों में आबादी बढ़ी है. शिक्षकों की कमी व अव्यवस्था के कारण बच्चे निजी स्कूलों की तरफ रूख कर रहे हैं. झारखंड की भौगोलिक स्थिति काफी जटिल है. जहां नदी, नाला और जंगल गांव के करीब हैं. ऐसे में छोटे बच्चों को एक गांव से दूसरे गांव में जाने में परेशानी होगी.

सांसदों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि राज्य में शिक्षकों की संख्या बढ़ाते हुये सरकार स्कूलों के विलय के निर्णय को आने वाले एक साल के लिए रोक दे.

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स्कूल मर्जर के खिलाफ भाजपा सांसदों की चिट्ठी
स्कूल मर्जर के खिलाफ भाजपा सांसदों की चिट्ठी

इन सांसदों के हैं हस्ताक्षर

लक्ष्मण गिलुआ, डॉ रवींद्र कुमार राय, पशुपति नाथ सिंह, जयंत सिन्हा, सुदर्शन भगत, सुनील कुमार सिंह, विद्युतवरण महतो, विष्णु दयाल राम, कड़िया मुण्डा, रविंद्र पांडेय, निशिकांत दुबे और रामटहल चौधरी ने संयुक्त रूप से सीएम को पत्र लिखा है. इसकी पुष्टि सांसद निशिकांत दूबे ने भी की है.

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