
Dhanbad : केंद्र सरकार ने लॉकडाउन में फंसे छात्र-छात्राओं और प्रवासी मजदूरों को ट्रेन और बस के माध्यम से झारखंड भेजने की पहल शुरू कर दी है. मगर झारखंड में फंसे मजदूरों की घर वापसी को लेकर संबंधित राज्य सरकारों द्वारा अब तक कोई पहल नहीं की जा रही है. जिस कारण शनिवार को धनबाद के सिंदरी स्थित हर्ल कंपनी के मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा. विरोध में हर्ल के सैकड़ों मजदूर सड़क पर उतर गये और उन्होंने जम कर हंगामा शुरू कर दिया. इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की भी जम कर धज्जियां उड़ा दी गयीं.
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हर्ल में मजदूरों को कई दिनों से नहीं मिल रहा है भोजन
सिंदरी स्थित हर्ल में कार्यरत करीब दो सौ मजदूर शनिवार को सड़क पर उतर गये. इस दौरान उन्होंने घर वापसी की मांग की. मामले की जानकारी सिंदरी पुलिस को मिली. सिंदरी पुलिस ने मौके पर पहुंच कर आक्रोशित मजदूरों को समझाने की कोशिश की. सभी मजदूर पुलिस को देख कर जिला पुलिस से घर वापसी की मांग करने लगे. वहीं हर्ल में काम कर रहे बिहार मोतिहारी जिला के मजदूर राज की मानें तो कई दिनों से खाना नहीं मिल रहा है. जिस कारण हर्ल फैक्ट्री में कार्य बहिष्कार कर सड़क पर उतर गये हैं.
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कई बार कागजात देने के बाद भी शुरू नहीं हुई घर भेजने की प्रक्रिया
यही नहीं, मजदूर राज ने यह भी बताया कि कई दिनों से हर्ल प्रबंधन द्वारा कहा जा रहा था कि घर भेजने की प्रक्रिया की जा रही है, लेकिन कई बार कागजात दिये जाने के बाद भी आज तक हर्ल प्रबंधन ने मजदूरों को बिहार भेजने की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की. साथ ही कंपनी द्वारा खाना भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. कंपनी सिर्फ जबरन काम करने का दबाव बनाती रही है. जिस कारण मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा और वे सड़क पर उतर गये. वहीं इस मामले में सिंदरी थाना प्रभारी राज कपूर ने बताया कि मजदूरों को भेजने को लेकर जिला प्रसाशन बिहार सरकार से बात कर रही है. जल्द ही कुछ निर्णय लिया जायेगा.
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