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डिप्टी मेयर का एलान : हैदरबाद की तर्ज पर झिरी में कचरे पर बनेगा हॉर्टिकल्चर पार्क, जल्द होगा टेंडर

Ranchi :  रांची नगर निगम द्वारा झिरी डंपिंग यार्ड में लाखों टन कचरा लगभग हर दिन डाला जा रहा है. जिससे इलाके के लोगों की जिंदगी मच्छरदानी में कैद होकर रह गयी है. लेकिन अब जल्द ही झिरी में रहने वाले लोगों को इससे छुटकारा मिलने वाला है. दरअसल रांची नगर निगम झिरी में फैले लाखों टन कचरे पर एक हॉर्टिकल्चर पार्क बनाने की तैयारी में है.

इसे लेकर निगम के जनप्रतिनिधि और अधिकारियों ने प्रमुख शहरों का निरीक्षण किया है. जहां कचरे पर ही हॉर्टिकल्चर पार्क बनाया गया है.  अब रांची नगर निगम भी उन्हीं शहरों की तर्ज पर यहां पार्क बनायेगा.

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हैदराबाद और चेन्नई ने बनाया है हार्टिकल्चर पार्क

डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने बताया कि कुछ दिन पहले वे और उनकी टीम ने हैदराबाद का दौरा किया था. इस दौरान शहर में गिराये गये कचरे को कैपिंग करके पार्क बनाया गया है. लुधियाना शहर के दौरे में भी उन्हें चेन्नई में 5 एकड़ जमीन पर फैले कचरे के ढेर पर बने पार्क का प्रेजेंटेशन दिखाया गया था.

उन्होंने कहा कि झिरी में पिछले 25 वर्षों से कचरा डंप किया जा रहा है. कचरे के निदान के लिए निगम ने दो कंपनियों के साथ एक एग्रीमेंट भी किया, लेकिन दोनों ही इस कार्य में फेल साबित हुई.

साथ ही कहा कि प्रमुख शहरों की स्थिति को देखकर ही नगर आयुक्त को पार्क का आरएफपी बनाने की बात उन्होंने कही थी. शनिवार को बोर्ड की बैठक में निगम के सभी पार्षदों ने उनके पार्क निर्माण के प्रस्ताव पर अपनी स्वीकृति दे दी है.

डिप्टी मेयर ने दावा कि अगले एक साल में झिरी में हॉर्टिकल्चर पार्क का निर्माण हो जायेगा. इससे जहां 40 एकड़ में फैली गंदगी 2-3 एकड़ में सिमट जाएगी. वहीं बाकी बचे हिस्से को सॉलिड वेस्ट मैनजमेंट में उपयोग किया जा सकेगा.

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सबसे कम दर पर होगी टेंडर प्रक्रिया

हॉर्टिकल्चर पार्क बनाने में आने वाले खर्च के सवाल पर डिप्टी मेयर ने कहा कि इसकी जानकारी पार्क निर्माण के लिए निकाले जाने वाले टेंडर के बाद ही वे दे पायेंगें. हालांकि उन्होंने यह जरूर बताया कि टेंडर की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और पारदर्शी होगी.

इसमें देशभर के वैसे लोग भाग ले सकते हैं, जो कचरे के ढेर पर ऐसे पार्क बनाने की योग्यता रखते हैं. टेंडर लेने के पहले संबंधित एजेंसियों के बेहतर प्रारूप को भी निगम देखेगा. वहीं पार्क निर्माण के लिए टेंडर की पूरी प्रक्रिया सबसे लोएस्ट दर पर की जायेगी.

गिरता है लाखों टन कचरा, गंदगी से लोग परेशान

राजधानी रांची से रोजाना औसतन 500 टन कचरे का उठाव होता है. पिछले 25 सालों से रोजाना निगम के झिरी स्थित डंपिंग यार्ड में कचरे को डंप किया जा रहा है. जिससे झिरी में कचरे का पहाड़ खड़ा हो गया है. चूंकि कचरे के डिस्पोजल की व्यवस्था नहीं होने की वजह से हल्की सी भी बारिश हो, तो इलाके में दूर तक बदबू फैल जाती है.

जिससे आसपास के मोहल्लों में रहनेवाले लोगों परेशान रहते हैं. इसके अलावा डंपिंग यार्ड के आसपास के इलाकों में मक्खियों और मच्छरों के प्रकोप से स्थानीय लोग ज्यादातर वक्त मच्छरदानी के अंदर ही व्यतीत करते हैं.

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