
Deoghar: जिला प्रशासन ने शनिवार को शहरी क्षेत्र स्थित पटाखों के दुकानों में छापेमारी अभियान चलाया. इस छापेमारी का नेतृत्व देवघर एसडीओ दिनेश यादव ने किया. छापेमारी अभियान शहर के टावर चौक और मुख्य बाजार में चलाया गया. इस दौरान छापे में लाखों रुपए के पटाखे जब्त किए गए हैं. जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से पटाखा दुकानदारों में हड़कंप मच गया.
एसडीओ ने बताया कि दीपावली आते ही शहर के बड़े पटाखा दुकानदार अपने-अपने गोदामों में भारी मात्रा में पटाखों का भंडारण कर लेते हैं. वहीं से वे खुदरा दुकानदारों और ग्राहकों को पटाखे बेचते हैं. शहर के पटाखा दुकानदारों की दुकान और गोदाम घनी आबादी वाले इलाकों में होने के कारण बड़ा हादसा होने की आशंका हमेशा रहती है. सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन की ओर से भारत सरकार के अधिनियम एक्सप्लोसिव एक्ट और एक्सप्लोसिव रुल के तहत छापेमारी की कार्रवाई की गई है.
इसे भी पढ़ें : नशाखुरानी के आरोपियों को दबोचने गिरिडीह पहुंची महाराष्ट्र के जलगांव की रेलवे पुलिस ‘
एसडीओ ने यह भी बताया कि कई दुकानदारों के पास पटाखा बेचने का लाइसेंस भी नहीं है. यहां तक कि नियमानुसार पटाखा सिर्फ ग्राउंड फ्लोर में ही रखने की अनुमति है, जबकि कई दुकानदार घनी आबादी वाले इलाके में स्थित अपने दुकान के पहले और दूसरे तल्ले में पटाखों का भंडारण कर लेते हैं. इसके अलावे एसडीओ ने बताया कि अवैध रुप से पटाखे बेचे जा रहे हैं, साथ ही बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण भी किया गया है.
एसडीओ की टीम ने लाइसेंसी पटाखा दुकानों का भी निरीक्षण किया. एसडीओ ने बताया कि नियमानुसार एक दुकानदार द्वारा अधिकतम 50 किलो की क्षमता तक के पटाखे बेचे जा सकते हैं. लेकिन कई दुकानदारों द्वारा 200 से 300 किलो तक के पटाखों को स्टॉक में रखा गया है. अब इन दुकानों को सील करने का आदेश दिया गया है. इसके अलावा क्षमता से अधिक स्टॉक रखने वाले दुकानदारों के पटाखे जब्त करने का भी आदेश दिया गया है. इन सभी दुकानदारों पर नियमानुसार कार्रवाई की बात एसडीओ ने कही है.
इसे भी पढ़ें : राज्य के मनरेगा कर्मियों को दीवाली के पहले मिलेगा मानदेय, राशि आवंटित




