
Koderma : जिले के बांझेडीह स्थित केटीपीपी में हो रहे बिजली उत्पादन के कारण निकल रही रसायनयुक्त राख (फ्लाई ऐश) आस-पास के क्षेत्रों को प्रदूषित कर रहा है. इससे यहां के लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है. फ्लाई ऐश दमा, फेफड़े में तकलीफ, टीबी, यहां तक कि कैंसर तक का कारण बन सकता है.
डोमचांच प्रखंड के अम्बादहा पत्थर खदान को बांझेडीह से निकल रहे फ्लाई ऐश से भरे जाने के कारण जंगल के जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों पर भी बुरा असर पड़ रहा है.
बता दें कि कोडरमा जिले के बांझेडीह केटीपीपी के ऐश पौंड से फ्लाई ऐश निकालकर उससे डोमचांच प्रखंड में डोमचांच थाना से मात्र एक किलोमीटर दूर स्थित अम्बादहा पत्थर खदान को भरा जा रहा है. इसके लिए रोज दर्जनों हाइवा से फ्लाई ऐश ढोया जा रहा है.
इससे कोडरमा, झुमरीतिलैया, लोकाई, इंदरवा और आस-पास के क्षेत्र प्रदूषित होते जा रहे हैं. वहीं, दूसरी ओर केमिकल मिला हुआ ऐश नदी में बहने से जीव-जंतुओं द्वारा उस पानी को पीने से उन्हें भी नुकसान हो रहा है. साथ ही जंगल में पेड़-पौधों पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है.
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मनमाने तरीके से हो रही है ढुलाई, नहीं है बुलर की व्यवस्था
फ्लाई ऐश की ढुलाई में लगी कंपनी मनमाने ढंग से कार्य करवा रही है. सूत्रों के मुताबिक, किसी खदान को भरने के लिए जो विभागीय शर्तें हैं, उन्हें भी पूरा नहीं किया गया है. लोगों ने कहा कि कोडरमा से लेकर नेरु पहाड़ी तक डस्ट उड़ने से लोगों को रास्ते में आने-जाने में काफी दिक्कत होती है.
दोपहिया वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना हमेशा बनी रहती है. फ्लाई ऐश ढोने के लिए बुलर जैसे विशेष वाहन बनाये गये हैं, परंतु कोडरमा जिले में इन नियमों का अनुपालन नहीं हो रहा है.
नेशनल हाईवे पर उड़ रही धूल बनी जानलेवा : सईद नसीम
कोरोना काल में जहां लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हुए हैं, वहीं वर्तमान समय में कोडरमा के मुख्य मार्ग में प्रदूषण एक बड़ी समस्या बन गयी है. खास तौर पर झुमरीतिलैया से कोडरमा होते हुए नवलशाही तक सड़क निर्माण व धूल लदे वाहनों के परिचालन से लोगों की समस्या बढ़ती जा रही है. उक्त बातें कांग्रेस नेता सईद नसीम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही.
उन्होंने कहा कि हजारों लोग प्रतिदिन सड़क पर आवागमन के क्रम में प्रदूषण झेलने को मजबूर हैं. सड़क निर्माण एजेंसी द्वारा नगरिक सुविधाओं की अनदेखी कर निर्माण किया जा रहा है. सड़क पर प्रतिदिन पानी का छिड़काव नहीं कराये जाने से इन क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है.

सईद नसीम ने कोडरमा के डीसी से त्वरित कदम उठाते हुए समस्या का निदान करने का आग्रह किया है. कहा है कि नियम के विरुद्ध फ्लाई ऐश लदी गाड़ियों का परिचालन होने के कारण सड़क पर राख गिरती रहती है, जो जिला में प्रदूषण का मुख्य कारण है.
इस तरह का प्रदूषण कोरोना काल में घातक साबित होगा. इस पर अविलंब रोक लगायी जानी चाहिए. साथ ही निर्माण एजेंसी नागरिक सुविधाओं का ख्याल रखते हुए निर्माण करे, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए.
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जनहित याचिका की है तैयारी
कोडरमा जिले के लोग प्रदूषण से बेहाल हैं. कोडरमा थर्मल पावर प्लांट से नियम विरुद्ध तरीके से फ्लाई ऐश की ढुलाई की जा रही है और जंगल से सटे खदान को भरा जा रहा है. इस पूरे मामले में स्थानीय लोगों की दुर्दशा, बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर न तो अधिकारी चिंतित हैं और न ही डीवीसी या इस कार्य में जुटी कंपनी के अधिकारी.
ऐसे में स्थानीय लोगों ने झारखंड हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर करने का निर्णय लिया है. बताया जाता है कि कोडरमा में कुछ लोगों की बैठक में निर्णय के अनुसार एक सप्ताह में जनहित याचिका दायर की जायेगी.
फ्लाई ऐश डिस्पोजल कमिटी के निर्णय से खदान में भरा जा रहा ऐश : जिला खनन पदाधिकारी
इधर, इस संबंध में पूछे जाने पर जिला खनन पदाधिकारी मिहिर सिलकर ने कहा कि खदान को भरे जाने के संबंध में विभाग से अनुमति नहीं ली गयी है और न ही इसकी आवश्यकता है. जिलास्तरीय फ्लाई ऐश डिस्पोजल कमिटी द्वारा लिये गये निर्णय के आलोक में उक्त खदान को फ्लाई ऐश से भरा जा रहा है.
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