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हिंडनबर्ग के आरोपों पर माकपा नेता सीताराम येचुरी ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की, संसद सत्र में मामला उठाने का भी एलान

New Delhi: मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने अदाणी समूह के खिलाफ अमेरिका की फर्म हिंडनबर्ग के कथित अनियमितताओं के आरोपों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है हालांकि अदाणी समूह पहले ही अपने उपर लगाए गए इन आरोपों को निराधार और झूठा बता चुका है. माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि केंद्र सभी संबंधित मंत्रालयों को शामिल करते हुए एक उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन करे. जांच पूरी होने तक सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिन-प्रतिदिन के आधार पर जांच की निगरानी की जानी चाहिए. माकपा नेता ने इस मुद्दे में वित्त और विदेश मंत्रालयों की भागीदारी का आरोप लगाया.
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78,000 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का आरोप

येचुरी ने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने होंगे कि सभी आरोपों की ठीक से जांच हो.उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि जीवन बीमाकर्ता एलआईसी और देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने अदाणी समूह में जोखिम के कारण अपने शेयरों के बाजार पूंजीकरण में 78,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान उठाया है.

बजट सत्र में उठाया जाएगा यह मुद्दा

सीताराम येचुरी ने कहा कि सेबी और आरबीआई नियामकों के रूप में क्या हो रहा है इसकी जांच करने के लिए अपना काम करना चाहिए. लेकिन एक उच्च स्तरीय जांच टीम होनी चाहिए, जिसे गठित करने की आवश्यकता है क्योंकि वित्त मंत्रालय से विदेश मंत्रालय तक इसमें शामिल है. येचुरी ने कहा, संसद में पेश होने वाले बजट सत्र में इस मामले को उठाया जाएगा और इस बजट सत्र के समाप्त होने से पहले, इस तरह जांच दल टीम को अपने निष्कर्षों को देश के सामने रखना चाहिए. संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होगा. बता दें कि अमेरिका स्थित फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने इस सप्ताह की शुरुआत में एक रिपोर्ट जारी की और आरोप लगाया कि अदाणी समूह दशकों से हेरफेर और लेखा धोखाधड़ी योजना में लगा हुआ था.

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